अब आपातकाल में दर्शक नहीं, ‘लाइफ सेवर्स’ बनेंगे लोग: सिमडेगा में जिला प्रशासन की अनूठी पहल

अब आपातकाल में दर्शक नहीं, ‘लाइफ सेवर्स’ बनेंगे लोग: सिमडेगा में जिला प्रशासन की अनूठी पहल

Share
Link copied

शंभू कुमार सिंह

सिमडेगा : सिमडेगा जिले में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने एक सराहनीय और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाली पहल शुरू की है। इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों को इतना सक्षम बनाना है कि वे किसी हादसे या आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाकर किसी की जान बचा सकें।

उपायुक्त कंचन सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत ब्लॉक, थाना और ओपी स्तर पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को इलाज से पहले की जरूरी जानकारी दी जा रही है, ताकि “गोल्डन टाइम” यानी दुर्घटना के बाद के शुरुआती महत्वपूर्ण मिनटों का सही उपयोग किया जा सके।

इस पहल की जिम्मेदारी शांति भवन मेडिकल सेंटर (एसबीएमसी), बीरू की टीम को सौंपी गई है। टीम जिलेभर में जीवन रक्षक प्रशिक्षण शिविर लगाकर लोगों को सीपीआर (CPR), प्राथमिक उपचार, सड़क दुर्घटना के समय त्वरित प्रतिक्रिया और घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से संभालने जैसे जरूरी कौशल सिखा रही है।

प्रशिक्षण शिविरों में प्रशासनिक और पुलिस कर्मियों के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी सेविका, सहिया कार्यकर्ता और आम नागरिक भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। शिविरों में सिखाई जा रही तकनीकों को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया जा रहा है, ताकि हर व्यक्ति इसे आसानी से सीख सके और जरूरत पड़ने पर लागू कर सके।

इस पहल को लेकर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रतिभागियों का कहना है कि उन्हें पहली बार इस तरह का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला है, जिससे अब वे किसी भी आपात स्थिति में आत्मविश्वास के साथ मदद कर सकेंगे।

उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि जिले के हर हिस्से में तुरंत चिकित्सा सुविधा पहुंचाना हमेशा संभव नहीं होता। ऐसे में यह जरूरी है कि आम लोगों को ही प्राथमिक सहायता देने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा, “अगर हादसे के बाद शुरुआती कुछ मिनटों में सही कदम उठाए जाएं, तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।”

उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें और प्रशिक्षण लें, ताकि हर गांव, हर टोला और हर परिवार में कम से कम एक ऐसा व्यक्ति हो, जो आपात स्थिति में तुरंत मदद कर सके।

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।