सुप्रीम कोर्ट में जल्द बढ़ सकती है जजों की संख्या, कॉलेजियम ने 5 नामों की सिफारिश की
नवीन कुमार
भारत के सर्वोच्च न्यायालय में जजों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पांच नए नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। इन नामों में चार हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। कॉलेजियम की यह बैठक 22 और 27 मई 2026 को हुई थी।
किन नामों की हुई सिफारिश?
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जिन पांच लोगों के नामों की अनुशंसा की है, उनमें शामिल हैं:
Justice Sheel Nagu
Justice Shree Chandrashekhar
Justice Sanjeev Sachdeva
Justice Arun Palli
V. Mohana
महिला प्रतिनिधित्व पर भी फोकस
वरिष्ठ अधिवक्ता V. Mohana का नाम विशेष रूप से चर्चा में है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में केवल एक महिला जज — Justice B. V. Nagarathna — कार्यरत हैं। यदि केंद्र सरकार कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूरी देती है, तो सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या बढ़कर दो हो जाएगी।
क्यों अहम है यह फैसला?
हाल ही में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का फैसला किया है। बढ़ते मामलों और लंबित केसों के बोझ को कम करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कॉलेजियम सिस्टम क्या है?
भारत में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति कॉलेजियम प्रणाली के तहत होती है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित शीर्ष वरिष्ठ जज शामिल होते हैं। यही कॉलेजियम जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर के लिए नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजता है। अंतिम नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा केंद्र सरकार की सलाह पर की जाती है।
जाहिर है की कॉलेजियम की सिफारिशें अब केंद्र सरकार के पास जाएंगी। सरकार की मंजूरी और राष्ट्रपति की औपचारिक स्वीकृति के बाद इन नामों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में की जाएगी। अगर सभी नियुक्तियां होती हैं, तो सुप्रीम Court की कार्यक्षमता और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

















