ईडी की बड़ी कार्रवाई: लातेहार में 3.87 करोड़ रुपये की 11 अचल संपत्तियां कुर्क

रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 3.87 करोड़ रुपये मूल्य की 11 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैच) किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
ईडी के अनुसार, यह मामला संतोष कंस्ट्रक्शन और उसके सहयोगियों संतोष कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह, मनीष कुमार, बैजनाथ गंझू, राजेश कुमार गंझू और रविंद्र गंझू से जुड़ा है।
जांच की शुरुआत लातेहार जिले के चंदवा थाना में दर्ज दो एफआईआर के आधार पर हुई थी, जिन्हें बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में लेकर जांच की। एक मामला वर्ष 2019 में एनएच-75 के लुकुइया मोड़ पर हुए नक्सली हमले से जुड़ा है, जिसमें चार झारखंड पुलिसकर्मी शहीद हुए थे और हथियार लूट लिए गए थे। दूसरा मामला कथित तौर पर नक्सलियों को लेवी के रूप में 5 लाख रुपये देने से संबंधित है।
ईडी की जांच में इस मामले में लगभग 7.16 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) का पता चला। जांच एजेंसी के अनुसार, इस राशि का एक हिस्सा विभिन्न माध्यमों से वैध अर्थव्यवस्था में निवेश कर लातेहार जिले के चंदवा और कामता मौजा में 11 अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
ईडी का कहना है कि इन संपत्तियों की खरीद में कम मूल्य के बिक्री दस्तावेज और नकद लेनदेन का इस्तेमाल कर बैंकिंग निगरानी से बचने का प्रयास किया गया। फिलहाल इन सभी 11 संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
















