लोहरदगा: शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश, शत-प्रतिशत उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन पर जोर

लोहरदगा: शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश, शत-प्रतिशत उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन पर जोर

लोहरदगा: शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश, शत-प्रतिशत उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन पर जोर

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आनंद कुमार सोनी

लोहरदगा: जिले के शिक्षा विभाग में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त (DDC) राज महेश्वरम की अध्यक्षता में सोमवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों की उपस्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्देश:

1. मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता और मॉनिटरिंग: अनामृता फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर DDC ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को नियमित रूप से भोजन की जांच करने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके अलावा, एसएमएस आधारित मॉनिटरिंग और ‘तिथि भोजन’ व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

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2. उपस्थिति में अंतर पर कार्रवाई: बैठक में यह पाया गया कि कई विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों की संख्या में अंतर है। DDC ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन विद्यालयों में आंकड़ों में असामान्य अंतर पाया जाएगा, उनके प्रधानाध्यापकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show-cause) जारी किया जाए। साथ ही, प्रत्येक प्रखंड से ऐसे दो-दो मामलों की रिपोर्ट अगली बैठक में तलब की गई है।

3. अनिवार्य स्वास्थ्य जांच: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत अब छात्रों की नियमित स्वास्थ्य जांच अनिवार्य होगी। इस जांच में हीमोग्लोबिन और ब्लड ग्रुप की पहचान को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है ताकि बच्चों के स्वास्थ्य की सटीक निगरानी हो सके।

विशेष नामांकन अभियान (7 जुलाई – 7 सितंबर 2026)

शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए 7 जुलाई से 7 सितंबर 2026 तक ‘विशेष नामांकन अभियान’ चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए DDC ने जिला शिक्षा अधीक्षक को व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में खनन विभाग, पुलिस, बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों (विशेषकर मुखिया) का सहयोग लिया जाए।

बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक अभिजीत कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी जया सांखी मुर्मू, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी और सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEO) उपस्थित थे।

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