मुख्यमंत्री ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा की, BIT सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी बनाने पर सहमति

रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति और 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को “माइनिंग से माइंड” की ओर ले जाने में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री ने राज्य में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं और रोजगारपरक शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में BIT सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। साथ ही राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में पीपीपी मोड पर CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) सेंटर स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री ने अगले 15 दिनों के भीतर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग और कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को पूरी तरह कार्यरत करने का निर्देश दिया। उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालयों में लाइव ऑनलाइन क्लास शुरू करने की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।
बैठक में जानकारी दी गई कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अब तक 2,888 पात्र विद्यार्थियों को स्वीकृति दी गई है, जबकि 243 छात्रों को 64 करोड़ रुपये का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र छात्रों तक पहुंचाया जाए।

तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने राजकीय पॉलिटेक्निक और तकनीकी संस्थानों में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और शिपिंग जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने नौ जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने की योजना को भी तेजी से लागू करने को कहा।
बैठक में यह भी तय हुआ कि झारखंड अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (JUPMI) का संचालन अब उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग करेगा, जहां बैचलर ऑफ प्लानिंग, मास्टर ऑफ प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट में एमबीए जैसे पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति, छात्रावासों के उन्नयन, वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों की पहचान और राज्य में रोबोटिक्स एवं एआई आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
















