रांची जनता दरबार में डीसी मंजूनाथ भजन्त्री का सख्त रुख, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

रांची: जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार आम लोगों के लिए राहत और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का मंच बना। जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जनता दरबार का सबसे भावुक पल तब देखने को मिला, जब दोनों पैरों से दिव्यांग दीपक कुमार महतो हाथों के सहारे समाहरणालय पहुंचे। उपायुक्त ने उन्हें इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई, जिसके बाद वह स्वयं ट्राईसाइकिल चलाकर घर लौटे। दीपक और उनकी पत्नी ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
इसी दौरान बूटी मोड़ निवासी एक व्यक्ति ने गंभीर हृदय रोग से पीड़ित अपनी गर्भवती पत्नी के सुरक्षित प्रसव के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल सिविल सर्जन से बात कर महिला के समुचित इलाज और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राजस्व मामलों में लापरवाही पर उपायुक्त ने रातू अंचल अधिकारी रवि कुमार को चार मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा एक मामले में प्रपत्र-क गठित करने का निर्देश दिया। वहीं, अनगड़ा अंचल अधिकारी के खिलाफ भी म्यूटेशन से जुड़े मामले में शोकॉज और प्रपत्र-क गठित करने का आदेश दिया गया।

महेशपुर मौजा में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सीएनटी अधिनियम का उल्लंघन कर भूमि हड़पने की शिकायत पर डीसी ने डीसीएलआर और अंचल अधिकारी को विस्तृत जांच कर दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मोरहाबादी क्षेत्र में सरकारी गैरमजरुआ भूमि पर अतिक्रमण और व्यावसायिक उपयोग की शिकायत पर एसडीओ (सदर) और नगर निगम को संयुक्त जांच का आदेश दिया गया।
सिल्ली प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
जनता दरबार के अंत में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें।
















