13 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत पर 29 लाख रुपये मुआवजे का आदेश, 60 दिन में भुगतान करेगी बीमा कंपनी

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण के न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 13 वर्षीय छात्र के माता-पिता को 29 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने संबंधित बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर पूरी मुआवजा राशि का भुगतान किया जाए।
यह मामला वर्ष 2024 में हुई सड़क दुर्घटना से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि नाबालिग छात्र की मृत्यु के मामलों में मुआवजे का निर्धारण केवल अनुमान के आधार पर नहीं किया जा सकता। इसके लिए सरकार द्वारा अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी को आधार मानकर संभावित आय का आकलन किया जाना चाहिए।

इसी सिद्धांत के आधार पर न्यायालय ने विस्तृत गणना करते हुए मृतक छात्र के आश्रित माता-पिता के पक्ष में 29 लाख रुपये का अवार्ड पारित किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कम उम्र में संतान की मृत्यु किसी भी परिवार के लिए आर्थिक ही नहीं, बल्कि गहरी मानसिक और भावनात्मक क्षति भी होती है। ऐसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के मानकों के अनुरूप न्यायसंगत और उचित मुआवजा दिया जाना आवश्यक है।
इस मामले की एक खास बात यह रही कि गवाही शुरू होने के मात्र तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर अदालत ने अंतिम फैसला सुना दिया। मोटर दुर्घटना दावा मामलों में इतनी कम अवधि में निर्णय को त्वरित न्याय का उदाहरण माना जा रहा है, जिससे पीड़ित परिवार को समय पर राहत मिल सकेगी।
उल्लेखनीय है कि मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण, सिमडेगा की अदालत इससे पहले भी एक अन्य सड़क दुर्घटना मामले में मृतक के आश्रितों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दे चुकी है।
















