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डालसा के तत्वावधान में मोटर दुर्घटना दावा कार्यशाला का आयोजन

शंभू कुमार सिंह

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सिमडेगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के तत्वावधान में रविवार को व्यवहार न्यायालय सभागार में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अधिनियम के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य आम लोगों को मोटर दुर्घटनाओं के बाद कानूनी अधिकार, मुआवजा प्राप्ति की प्रक्रिया, और सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राधिकार के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा, अपर जिला व सत्र न्यायाधीश नरंजन सिंह, पुलिस अधीक्षक एम. अर्शी सहित अन्य न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों ने दीप प्रज्वलन कर किया।

पीड़ितों को समय पर न्याय और मुआवजा सुनिश्चित: पीडीजे

प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि मोटर दुर्घटना पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया गया है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के छह माह के भीतर दावा दायर करना अनिवार्य है। हिट एंड रन मामलों में भी मुआवजा देने की स्पष्ट व्यवस्था है। सरकारी वाहन से दुर्घटना होने पर राज्य सरकार पूर्ण मुआवजा प्रदान करती है। हत्या जैसे मामलों में विक्टिम कम्पनसेशन स्कीम के तहत भी मुआवजा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि मोटर दुर्घटना मामलों में कोर्ट फीस मात्र 10 रुपये है, जिससे गरीब और असहाय लोग भी न्याय प्राप्त कर सकें।

मुआवजा निर्धारण में आय और नुकसान का आकलन: एडीजे

अपर जिला न्यायाधीश नरंजन सिंह ने मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि मुआवजा इलाज के खर्च, कार्य में बाधा से हुए आर्थिक नुकसान, और स्थाई विकलांगता की स्थिति में जीवनकाल की संभावित आय के आधार पर तय किया जाता है। मृत्यु की स्थिति में मृतक की उम्र को ध्यान में रखकर 60 वर्ष तक की अनुमानित आय के आधार पर ट्रिब्यूनल मुआवजा निर्धारित करता है।

तेज रफ्तार और शराब हादसों के प्रमुख कारण: एसपी

पुलिस अधीक्षक एम. अर्शी ने बताया कि 60 प्रतिशत दुर्घटनाएं तेज रफ्तार के कारण होती हैं, जबकि शराब का सेवन भी हादसों का बड़ा कारण है। सिमडेगा में एनएच की अधिक लंबाई के कारण अधिकांश मौतें इन मार्गों पर होती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुर्घटना के बाद पहले ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल को तत्काल इलाज मिलना जरूरी है।

गुड सेमरिटन को सम्मान और इनाम

एसपी ने गुड सेमरिटन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25,000 रुपये का इनाम और सम्मान दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें पुलिस या अदालत में किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार द्वारा घायल के लिए 50,000 रुपये तक का निःशुल्क इलाज भी उपलब्ध है।

स्थाई लोक अदालत की भूमिका

स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि आपसी समझौते के मामलों में चार्जशीट दायर होने से पहले लोक अदालत के माध्यम से निपटारा किया जा सकता है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है।

77 हिट एंड रन मामलों में 64 को मुआवजा: डीटीओ

जिला परिवहन पदाधिकारी संजय कुमार बाखला ने बताया कि अप्रैल 2022 से अब तक जिले में 77 हिट एंड रन मामले दर्ज हुए, जिनमें 64 मामलों में मुआवजा वितरित किया जा चुका है। सात मामलों में वाहन ट्रेस किए गए हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।

वरिष्ठ अधिवक्ता सगीर अहमद ने पुलिस को सटीक अनुसंधान और वाहन मालिकों को पूर्ण बीमा कराने की सलाह दी। बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रामप्रीत प्रसाद ने अधिनियम के कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला की शुरुआत में डालसा सचिव मरियम हेमरोम ने आगंतुकों का स्वागत किया और उद्देश्यों को स्पष्ट किया। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता अलका बागे ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल ने किया। कार्यशाला का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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