लातेहार पुलिस की बड़ी कामयाबी: JJMP का चैप्टर क्लोज, 9 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 5 पर 23 लाख का इनाम
लातेहार पुलिस की बड़ी कामयाबी: JJMP का चैप्टर क्लोज, 9 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 5 पर 23 लाख का इनाम
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लातेहार, 1 सितंबर : झारखंड के लातेहार जिले में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस को अभूतपूर्व सफलता मिली है। झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) के नौ नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया, जिनमें से पांच पर कुल 23 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस उपलब्धि के साथ लातेहार जिले में JJMP का चैप्टर पूरी तरह समाप्त हो गया है। यह सफलता लातेहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव के नेतृत्व में प्राप्त हुई, जिसमें झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति और पुलिस की सतत कार्रवाई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आत्मसमर्पण समारोह में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारी
सोमवार को लातेहार पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह, आईजी अभियान माइकलराज एस, पलामू आईजी सुनील भास्कर, पलामू डीआईजी नौशाद आलम, लातेहार एसपी कुमार गौरव और सीआरपीएफ कमांडेंट की उपस्थिति में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों ने न केवल अपनी गतिविधियों को त्याग दिया, बल्कि मुख्य धारा में शामिल होने का संकल्प लिया।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का विवरण
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में शामिल हैं:
– जोनल कमांडर रविन्द्र यादव: 5 लाख रुपये का इनामी। 2 एके-47, 3 राइफल और 1241 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण। इनके खिलाफ 14 मामले दर्ज।
– सब जोनल कमांडर अखिलेश रविन्द्र यादव: 5 लाख रुपये का इनामी। 1 एके-47 और 256 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण। इनके खिलाफ 10 मामले दर्ज।
– सब जोनल कमांडर बलदेव गंझू: 5 लाख रुपये का इनामी। इनके खिलाफ 9 मामले दर्ज।
– सब जोनल कमांडर मुकेश राम यादव: 5 लाख रुपये का इनामी। इनके खिलाफ 21 मामले दर्ज।
– सब जोनल कमांडर पवन उर्फ राम प्रसाद: 3 लाख रुपये का इनामी। 1 राइफल के साथ आत्मसमर्पण। इनके खिलाफ 3 मामले दर्ज।
– एरिया कमांडर ध्रुव: 1 राइफल के साथ आत्मसमर्पण। इनके खिलाफ 3 मामले दर्ज।
– एरिया कमांडर विजय यादव: 1 राइफल के साथ आत्मसमर्पण। इनके खिलाफ 2 मामले दर्ज।
– एरिया कमांडर श्रवण सिंह: 1 एके-47, 1 राइफल और 131 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण। इनके खिलाफ 2 मामले दर्ज।
– एरिया कमांडर मुकेश गंझू: 1 एके-47 और 154 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण। इनके खिलाफ 2 मामले दर्ज।
लातेहार: उग्रवाद से शांति की ओर
गौरतलब है की लातेहार जिला कभी उग्रवाद का गढ़ माना जाता था, लेकिन पुलिस, सीएपीएफ और स्थानीय समुदाय के सहयोग से अब यह शांति और विकास की राह पर अग्रसर है। झारखंड सरकार की 2018 की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत लातेहार पुलिस ने गांव-गांव जाकर नक्सलियों और उनके परिजनों को मुख्य धारा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। इस नीति के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार और पुलिस की दबिश ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया।
पिछली कार्रवाइयों में भी सफलता
पिछले कुछ समय में लातेहार पुलिस ने विभिन्न नक्सली संगठनों के 10 उग्रवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया, जिसमें 5 लाख रुपये का इनामी सब जोनल कमांडर लवलेश गंझू और अन्य शामिल हैं। इसके अलावा, 2025 में पुलिस ने कई बड़ी कार्रवाइयां कीं। 24 मई को मुठभेड़ में 10 लाख रुपये के इनामी पप्पू लोहरा और 5 लाख रुपये के इनामी सुदेश गंझू उर्फ प्रभात को मार गिराया गया। 26 मई को भाकपा माओवादी के सब जोनल कमांडर और 5 लाख रुपये के इनामी मनीष यादव को ढेर किया गया, जबकि 10 लाख रुपये के इनामी कुन्दन को गिरफ्तार किया गया। जनवरी 2025 से अब तक कुल 75 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य धारा में शामिल होने का अवसर
लातेहार पुलिस और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति ने नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
















