NGT Takes Strict Stance on Subarnarekha River Pollution

सुबर्णरेखा नदी प्रदूषण पर NGT सख्त: जांच के लिए बनी संयुक्त समिति, जानें क्या है पूरा मामला

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NGT Takes Strict Stance on Subarnarekha River Pollution

नीरज तिवारी /जमशेदपुर

जमशेदपुर: NGT  ने  जमशेदपुर की जीवनदायिनी सुबर्णरेखा नदी को बचाने की दिशा में एक बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल  यानी (NGT), पूर्वी क्षेत्र पीठ, कोलकाता ने नदी में बढ़ते प्रदूषण और जलीय जीवन के खतरे को देखते हुए एक ‘संयुक्त जांच समिति’ (Joint Committee) गठित करने का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह आदेश अधिवक्ता प्रतीक शर्मा द्वारा दायर याचिका (वाद संख्या 129/2026/EZ) पर पारित किया गया है। याचिका में 1 अप्रैल 2026 को जमशेदपुर के बाबूडीह लाल भट्ठा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मृत मछलियों के पाए जाने का जिक्र किया गया है। इसके बाद से इलाके में फैली दुर्गंध और जल प्रदूषण ने जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे की घंटी बजा दी थी।

याचिका में उठाए गए मुख्य बिंदु:

प्रदूषण का कारण: नदी में घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) की भारी कमी। यह कमी बिना उपचारित सीवेज और औद्योगिक कचरे के सीधे नदी में गिरने से हुई है।

प्रशासनिक विफलता: याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि JNAC, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और आदित्यपुर नगर निगम सीवेज शोधन (Sewage Treatment) की पर्याप्त व्यवस्था करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।

जलीय जीवन पर संकट: कचरे के कारण नदी का BOD (Biological Oxygen Demand) और COD (Chemical Oxygen Demand) स्तर बिगड़ गया है, जिससे जलीय जीवों का अस्तित्व खतरे में है।

NGT ने क्या आदेश दिया?

मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायमूर्ति शियो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की पीठ ने संबंधित निकायों को नोटिस जारी किया है। साथ ही, सच सामने लाने के लिए एक विशेष समिति बनाई है:

समिति के सदस्य: पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त के प्रतिनिधि, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के प्रतिनिधि और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) के प्रतिनिधि।

नोडल एजेंसी: झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) को इस जांच की कमान सौंपी गई है।

कार्य: समिति को स्थल निरीक्षण करना होगा, प्रदूषण के मुख्य स्रोतों की पहचान करनी होगी और पर्यावरण को हुए नुकसान का आकलन कर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी।

अगली सुनवाई कब?

कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 के लिए निर्धारित की है। अब देखना यह होगा कि समिति की जांच में किन औद्योगिक और नगरीय निकायों की लापरवाही सामने आती है।

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