Two-day VLE training begins in Simdega for the successful implementation of the GPDP scheme.

GPDP योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सिमडेगा में दो दिवसीय VLE प्रशिक्षण शुरू

Two-day VLE training begins in Simdega for the successful implementation of the GPDP scheme.
Two-day VLE training begins in Simdega for the successful implementation of the GPDP scheme.

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा: ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के प्रभावी क्रियान्वयन और पोर्टल एंट्री को गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से सिमडेगा सभागार में दो दिवसीय वीएलई (VLE) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण में सिमडेगा, बोलबा, केरसई, कुरडेग, ठेठईटांगर और बांसजोर प्रखंडों के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के वीएलई भाग ले रहे हैं।

प्रशिक्षण का उद्देश्य वीएलई को GPDP योजना की प्रक्रिया, ग्राम सभा के माध्यम से संकल्प चयन, पोर्टल एंट्री, डेटा अपलोड और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं का समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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प्रशिक्षण का संचालन डिजिटल पंचायत की डिविजनल कंसल्टेंट प्रियंका सिंह एवं जिला परियोजना प्रबंधक चंदन कुमार द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को GPDP पोर्टल के विभिन्न मॉड्यूल, ऑनलाइन एंट्री प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों के अपलोड, ग्राम सभा से जुड़ी प्रक्रियाओं और कार्य निष्पादन के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही प्रतिभागियों को पोर्टल पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी कराई गई।

कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक (पंचायती राज), बीपीआरसी, CSC जिला प्रबंधक विजय कुमार सिन्हा, डिजिटल पंचायत के पदाधिकारी एवं संबंधित बीपीसी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने वीएलई से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने और पंचायत स्तर पर GPDP से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्वक पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना के सफल क्रियान्वयन में वीएलई की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनके सक्रिय सहयोग से पंचायतों में विकास योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में प्राप्त प्रशिक्षण का प्रभावी उपयोग करने का संकल्प लिया।

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