Claims of 22,000 crore, payout of only ₹6.5 crore; Subhash Chandra gets relief from NCLT.

22 हजार करोड़ के दावे, भुगतान सिर्फ 6.5 करोड़; सुभाष चंद्रा को NCLT से राहत, विजय माल्या ने दी बधाई

Claims of 22,000 crore, payout of only ₹6.5 crore; Subhash Chandra gets relief from NCLT.

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डेस्क । करीब किसान आत्महत्या कर रहे है ..मीडियम क्लास के लोग EMI के बोझ तले दबे है ..बैंक का एक EMI फेल तो मोबाइल ब्लाक हो जा रहा है । छोटे छोटे रकम के लिए बैंक छोटे , मझोले व्यपारियो को दौड़ा रही है ..आप सोच रहे होंगे की ये तो आम बात है इसमे नया क्या है …दरअसल समझिये पूरा मामला इस स्टोरी से की गरीब का कोई नही होता है अमीरोंके लिए कई दरवाजे खुले है। मीडिया कारोबारी और जी एंटरटेनमेंट के संस्थापक को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से बड़ी राहत मिली है। NCLT ने उनकी व्यक्तिगत दिवालियापन प्रक्रिया के तहत पेश किए गए repayment plan को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत करीब 22,006.57 करोड़ के स्वीकार किए गए creditor claims के मुकाबले महज 6.5 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। इससे कर्जदाताओं को करीब 99.97 फीसदी का haircut उठाना पड़ेगा।

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80.81 फीसदी वोट से मिली योजना को मंजूरी

NCLT के Judicial Member Nilesh Sharma ने मंगलवार को IBC की धारा 114 के तहत repayment plan को मंजूरी दी। इससे पहले दो सदस्यीय पीठ में इस मामले पर मतभेद सामने आया था, जिसके बाद तीसरे सदस्य के तौर पर शर्मा ने मामले पर फैसला दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, 80.81 फीसदी voting share वाले creditors ने repayment plan के पक्ष में मतदान किया था। वहीं LIC Housing Finance समेत कुछ कर्जदाताओं ने योजना का विरोध किया था। उनका तर्क था कि 22,006.57 करोड़ के दावों के मुकाबले इतनी कम रकम की recovery को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए।

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6.5 करोड़ में क्या-क्या शामिल है?

मंजूर योजना में करीब 6.25 करोड़ creditors को और 25 लाख insolvency process की लागत के लिए रखे गए हैं। यानी creditors के लिए वास्तविक recovery स्वीकार किए गए दावों का लगभग 0.03 फीसदी ही है।

NCLT ने आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि आवश्यक बहुमत से creditors द्वारा लिए गए commercial decision को tribunal अपनी राय से replace नहीं कर सकता। साथ ही, resolution professional की valuation के आधार पर tribunal ने माना कि सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत संपत्ति से इससे बेहतर recovery की संभावना नहीं थी।

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विजय माल्या ने कहा- ‘मेरे दोस्त सुभाष को बहुत-बहुत बधाई’

NCLT के फैसले के बाद भगोड़े कारोबारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सुभाष चंद्रा को बधाई दी। हालांकि उनका संदेश सिर्फ बधाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारत की debt resolution व्यवस्था पर सवाल भी उठाया।

माल्या ने लिखा:

“If True many congratulations to my friend Subhash.”

इसके बाद उन्होंने दावा किया कि बैंकों और सरकार ने उनसे 6,203 करोड़ के judgment debt के मुकाबले 14,100 करोड़ की recovery होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने आगे लिखा कि कई अन्य borrowers ने भी अपने कर्ज का बहुत छोटा हिस्सा देकर settlement किया है और टिप्पणी की—“Indian Debt Resolution Justice I presume. No media questions.”

माल्या का यह बयान उनके अपने मामले में recovery को लेकर लंबे समय से चले आ रहे दावों के संदर्भ में है। उनकी ओर से किए गए recovery संबंधी दावों और आंकड़ों पर अलग-अलग कानूनी कार्यवाहियों में विवाद और स्पष्टीकरण की मांग होती रही है।

कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

NCLT के फैसले पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वित्तीय भाषा में इसे haircut कहा जाता है, लेकिन उनके मुताबिक 22,006.57 करोड़ के दावों के मुकाबले सिर्फ 6.5 करोड़ की recovery को देखते हुए यह “haircut” से कहीं आगे की बात है। उन्होंने इसे “mundan” बताते हुए Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 पर सवाल खड़े किए।

क्या है पूरा मामला?

सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत insolvency proceedings में creditors ने करीब 22,006.57 करोड़ के दावे स्वीकार किए थे। repayment plan में 6.5 करोड़ की राशि प्रस्तावित की गई। विरोध करने वाले creditors का कहना था कि इतनी कम recovery वाला प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन NCLT ने creditors के बहुमत के फैसले और उपलब्ध संपत्ति के मूल्यांकन को देखते हुए योजना को मंजूरी दे दी।

इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि 22 हजार करोड़ से ज्यादा के स्वीकार किए गए दावों के मुकाबले महज 6.5 करोड़ की recovery को IBC के तहत मंजूरी कैसे मिली और इसका असर भविष्य के personal insolvency मामलों पर क्या पड़ेगा।

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