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हकलाहट बीमारी नहीं, स्पीच थेरेपी और आत्मविश्वास से मिल सकती है मदद: डॉ. सचिन श्रीवास्तव

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सिमडेगा: हकलाहट से प्रभावित लोगों को हीन भावना से उबारने और समाज में उनके प्रति भेदभाव दूर करने के उद्देश्य से 22 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर सिमडेगा के युवा समाजसेवी राहुल कुमार के 12 वर्षों से जारी जागरूकता अभियान की चर्चा हो रही है। वह पायनियर कंप्यूटर सेंटर स्थित अपने कार्यालय में प्रभावित लोगों की काउंसलिंग कर उन्हें नियमित अभ्यास, स्पीच थेरेपी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

राहुल कुमार वर्ष 2014 में महाराष्ट्र में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। इसके बाद से वह टीसा के जिला संयोजक के रूप में हकलाहट के प्रति जागरूकता फैलाने में जुटे हैं। उनके प्रयासों से 27 और 28 जून 2026 को शांति भवन मेडिकल सेंटर, वीरू में क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसमें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से करीब 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।

विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने कहा कि हकलाहट को लेकर हीन भावना रखने की जरूरत नहीं है। उचित स्पीच थेरेपी, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास से प्रभावित लोगों को मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि हकलाने वाले बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के लोगों को उन्हें अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर देना चाहिए।

उन्होंने अपील की कि बच्चों पर तुरंत जवाब देने का दबाव न बनाया जाए और न ही उनके बोलने के तरीके का मजाक उड़ाया जाए। इस तरह का व्यवहार बच्चों के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है। डॉ. सचिन ने हकलाहट के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रभावित बच्चों व उनके परिवारों को उचित मार्गदर्शन देने के लिए जिला प्रशासन से भी अभियान चलाने की अपील की।

डॉ. सचिन श्रीवास्तव के अनुसार, वर्ष 2008 में स्थापित टीसा से देशभर में 20 हजार से अधिक सदस्य जुड़े हैं। संगठन का 16वां अधिवेशन 20 से 22 नवंबर 2026 तक लखनऊ में प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि बोलने में कठिनाई किसी व्यक्ति की प्रतिभा या योग्यता का पैमाना नहीं है। हकलाहट से प्रभावित लोगों को धैर्यपूर्वक सुनना, उनका उत्साह बढ़ाना और समान अवसर देना जरूरी है। समाज में जागरूकता और सहयोग का माहौल बनाकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

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शंभू कुमार सिंह

शंभू कुमार सिंह

रिपोर्टर

शंभू कुमार सिंह सिमडेगा के रहने वाले हैं ये 1995 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत है दैनिक जागरण जिला प्रभारी, भास्कर दैनिक का जिला प्रभारी, सहित की भी चैनल के साथ में अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लगातार सक्रिय रहे है । समाचार संकलन विशेष लेख फीचर व अन्य क्षेत्रों में भी विशेष पकड़।