चलती ट्रेन में चाइल्ड लाइन दुमका ने की बच्चे की मदद.
दुमका, शौरभ सिन्हा.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दुमका : संध्या 5:00 बजे भागलपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी भागलपुर रामपुरहाट ट्रेन में दो बच्चे शरारतवस चढ़ गए। इसी बीच ट्रेन स्टार्ट हो गई, ट्रेन के स्टार्ट होते ही एक मित्र चलती ट्रेन से ऊतर गया और दूसरा मित्र ट्रेन से भयवश नहीं उतर सका। बच्चा काफी भयभीत हो गया था और ट्रेन में बच्चा भय से रोने लगा। बच्चे को अकेला रोते हुए देख कर सफर कर रहे अन्य यात्रियों ने बच्चे को सांत्वना दे कर चुप कराया। साथ सफर कर रहे यात्रियों में से किसी यात्री ने चाइल्डलाइन के निःशुल्क हेल्प नंबर 1098 पर कॉल कर सारी बात की जानकारी देते हुए मदद की गुहार लगाई।
1098 पर सूचना प्राप्त होते ही चाइल्डलाइन,दुमका की टीम के साथ-साथ बाल संरक्षण से जुड़े जिला बाल संरक्षण इकाई ,बाल कल्याण समिति और स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट हरकत में आयी। दुमका रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही पूर्व से तैनात चाइल्डलाइन टीम एवं रेलवे पुलिस की मदद से बच्चे को ट्रेन से उतारा गया। रेलवे पुलिस के द्वारा आवश्यक काग़ज़ी कारवाई करने के पश्चात् बालक को चाइल्डलाइन टीम को आगे की कार्रवाई हेतु सुपुर्द कर दिया।
चाइल्ड लाइन ,दुमका के द्वारा पूछे जाने पर बालक ने अपना नाना घर भागलपुर बताया और वह बताया कि वह नाना के साथ ही रहता है। बताए गए नंबर पर उसके मामा से संपर्क किया गया और उनको बच्चे के संबंध में जानकारी दी गई। चाइल्डलाइन,दुमका की टीम के द्वारा बालक को बाल कल्याण समिति (बैंच ऑफ मजिस्ट्रेट) के समक्ष उपस्थापित कराया गया। बालक के मामा ने बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित हो कर बालक के अच्छे तरीके से देखभाल करने की बात कही । आवश्यक काग़ज़ी कारवाई करने के बाद बालक को बाल कल्याण समिति, दुमका के द्वारा बालक को उसके मामा और नानी को सुपुर्द कर दिया गया।
बाल कल्याण समिति की बैठक में अध्यक्ष, मनोज साह, सदस्य सुमिता सिंह, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, प्रकाश चंद्र, चाइल्डलाइन दुमका के जिला कोऑर्डिनेट मधुसूदन सिंह,टीम मेंबर इब्नुल हसन एवम् अभिभावक उपस्थित थे।

















