कोडरमा में 1.5 साल की बच्ची की मौत । खांसी के कफ सिरप पीने के बाद बिगड़ी तबीयत ! सिविल सर्जन ने शुरू की जांच
कोडरमा में 1.5 साल की बच्ची की मौत: खांसी के कफ सिरप पीने के बाद बिगड़ी तबीयत, सिविल सर्जन ने शुरू की जांच
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कोडरमा, 21 दिसंबर 2025: झारखंड के कोडरमा जिले में एक 1.5 वर्षीय बच्ची रागिनी कुमारी की मौत का मामला सामने आया है। परिवार के अनुसार, बच्ची को खांसी थी जिसके लिए उसे कफ सिरप दिया गया था। सिरप पीने के कुछ समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और शनिवार (20 दिसंबर) शाम को उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। जांच में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ-साथ ड्रग इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौत के सटीक कारण का पता लगाया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि क्या सिरप में कोई दूषित तत्व था, ओवरडोज हुआ था या फिर बच्ची को सिरप देने में कोई अन्य गलती हुई।
अभी तक बच्ची को दिया गया कफ सिरप का ब्रांड या बैच नंबर सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि, परिवार ने बताया कि सिरप किसी स्थानीय फार्मेसी से खरीदा गया था।यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश के कई हिस्सों में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं।
झारखंड सरकार ने पहले ही कुछ संदिग्ध कफ सिरप (जैसे Coldrif) पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों को बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी कफ सिरप न दें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह:
2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, ज्यादातर मामलों में बच्चों की खांसी अपने आप ठीक हो जाती है और दवा की जरूरत नहीं पड़ती।
दवा खरीदते समय बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और ब्रांड की जांच करें।
जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग या स्थानीय पुलिस को दें।

















