धनबाद केंदुआडीह में गैस रिसाव के कारण बच्चो का स्कूल हो रहा प्रभावित , डर से स्कूल नही भेज रहे अभिवावक
धनबाद केंदुआडीह में गैस रिसाव के कारण बच्चो का स्कूल हो रहा प्रभावित , डर से स्कूल नही भेज रहे अभिवावक
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धनबाद के केंदुआडीह क्षेत्र में पिछले 11 दिनों से जहरीली गैस रिसाव जारी है। BCCL और जिला प्रशासन गैस रिसाव रोकने में अब तक सफल नहीं हो पाए हैं, हालांकि प्रयास जारी हैं। इस रिसाव से दो लोगों की मौत हो चुकी है दो महिला गंभीर अवस्था में है और कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। गैस का रिसाव अभी भी जारी है। ऐसे में अब लोगों को बच्चों की चिंता सता रही है कि आखिर ऐसी हालत में बच्चों को स्कूल कैसे जाने दिया जाए
केंदुआडीह राजपूत बस्ती, नया धौड़ा, पांच नंबर तथा मस्जिद मोहल्ला जैसे इलाकों में रहने वाले बच्चे फिलहाल शिक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। हालांकि कई बच्चे बस्ती छोड़कर चले गए हैं । जबकि कुछ डर से स्कूल ही नहीं आ रहे, जिससे वे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। जो बच्चे स्कूल जा रहे है वे जान हथेली पर रखकर स्कूल जा रहे हैं।
गैस प्रभावित इलाके के बच्चे प्राथमिक विद्यालय केंदुआडीह बस्ती में पढ़ते हैं, जहां कुल 124 बच्चे नामांकित हैं। रिसाव के बाद प्रशासन ने फिलहाल स्कूल को वन क्षेत्र में शिफ्ट करने का आदेश दिया है।
शिक्षक मनोज राय बताते हैं कि शनिवार से दूसरे स्कूल में पढ़ाई हो रही है, लेकिन 124 में से केवल 49 बच्चे ही आ पा रहे हैं—कभी इससे भी कम। माता-पिता डरे हुए हैं, इसलिए बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे।
अभिभावक कहते हैं कि पढ़ाई जरूरी है, इसलिए बच्चे भेजते हैं, लेकिन जान का डर लगा रहता है—कब क्या हो जाए, कहना मुश्किल। उन्होंने सरकार और प्रशासन से गैस रिसाव तत्काल रोकने की मांग की है
वहीं बच्चों का कहना है कि स्कूल आने में डर लगता है। गैस से बच्चे बेहोश हो रहे हैं, कई तो बीमार पड़ रहे हैं—हमें भी कुछ न हो जाए, यह भय सताता है। स्कूल जाने के बाद भी माता-पिता चिंतित रहते हैं। बच्चों ने मांग की कि गैस रिसाव रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, ताकि वे बिना डर के पढ़ सकें।
अभिभावकों और बच्चों की चिंता के बीच प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़ी कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि तत्काल गैस रिसाव रोकने के लिए उन्नत तकनीक और विशेषज्ञ टीम की जरूरत है। यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और गहरा सकता है। अब समय है कि सरकार और BCCL मिलकर न केवल गैस रिसाव रोके, बल्कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए। बच्चों का भविष्य बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

















