झारखंड पुलिस को मिले 1477 नए वाहन: CM हेमंत सोरेन ने रांची से दिखाई हरी झंडी, 12 नए थानों का भी हुआ शिलान्यास
झारखंड पुलिस को मिले 1477 नए वाहन: CM हेमंत सोरेन ने रांची से दिखाई हरी झंडी, 12 नए थानों का भी हुआ शिलान्यास

रांची: झारखंड में अपराध पर लगाम कसने और पुलिस को और भी हाईटेक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने आज एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची स्थित विधानसभा परिसर से 1477 नए पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इन वाहनों के आने से अब शहरी और ग्रामीण इलाकों में पुलिस की गश्त (Petrolling) और भी तेज हो जाएगी।
बेड़े में क्या-क्या है खास?
पुलिस विभाग को सौंपे गए इन आधुनिक वाहनों में शामिल हैं:
628 चार पहिया वाहन (बोलेरो): यह मुख्य रूप से गश्त और अधिकारियों के त्वरित मूवमेंट के लिए होंगे।
849 मोटरसाइकिल: तंग गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपराधियों का पीछा करने और गश्त लगाने के लिए इनका उपयोग होगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में 12 अत्याधुनिक नए थानों का ऑनलाइन शिलान्यास भी किया, जिससे पुलिसिंग का बुनियादी ढांचा और मजबूत होगा।
नक्सल प्रभावित और दूरदराज के इलाकों पर फोकस
सरकार का मुख्य उद्देश्य पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) को मजबूत करना है। नए वाहनों की मदद से अब पुलिस किसी भी घटना की सूचना मिलने पर कम से कम समय में मौके पर पहुंच सकेगी। खासकर नक्सल प्रभावित और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में, जहाँ पहले पहुंचना कठिन होता था, वहां अब पुलिस की मौजूदगी 24 घंटे सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री का संबोधन: “तकनीक के साथ बदलना जरूरी”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध करने के तरीके भी बदल रहे हैं। अपराधी अब नई तकनीकों का सहारा ले रहे हैं, इसलिए पुलिस व्यवस्था में सुधार और आधुनिक संसाधनों का होना बहुत जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
“शहर हो या गांव, हर नागरिक की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है। संसाधनों की कमी को दूर कर हम पुलिस बल को इतना सक्षम बना रहे हैं कि वे किसी भी चुनौती का सामना तुरंत कर सकें।”
आज के बाद झारखंड पुलिस को फायदा..
तेज गश्त: मोटरसाइकिल और बोलेरो की संख्या बढ़ने से अपराधियों में खौफ बढ़ेगा।
कानून-व्यवस्था: 12 नए थानों से स्थानीय लोगों को शिकायत दर्ज कराने और सुरक्षा पाने में आसानी होगी।
सुरक्षा का भरोसा: आम जनता के बीच पुलिस की सक्रियता दिखने से सुरक्षा का भाव पैदा होगा।


















