राहुल गांधी पर पूर्वोत्तर संस्कृति का अपमान करने का आरोप: पटका न पहनने पर BJP और कांग्रेस में तीखी बयानबाजी
राहुल गांधी पर पूर्वोत्तर संस्कृति का अपमान करने का आरोप: पटका न पहनने पर BJP और कांग्रेस में तीखी बयानबाजी
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नई दिल्ली, 26 जनवरी : गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम रिसेप्शन’ में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उत्तर-पूर्वी पारंपरिक पटका (जिसे असम में गामोछा भी कहा जाता है) न पहनने को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।
कार्यक्रम की थीम उत्तर-पूर्व भारत की संस्कृति पर केंद्रित थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी मेहमानों को पटका प्रदान किया, जिसमें प्रधानमंत्री, अन्य नेता, विदेशी राजदूत और मेहमान शामिल थे। अधिकांश ने इसे सम्मानपूर्वक पहना, लेकिन राहुल गांधी ने नहीं पहना।
BJP ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने उन्हें दो बार अनुरोध किया, फिर भी उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया या कुर्सी पर रख दिया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे पूरे उत्तर-पूर्व का अपमान करार दिया। उन्होंने X पर लिखा कि यह “पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति गहरी असंवेदनशीलता और अपमानजनक” है। उन्होंने राहुल गांधी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की और कहा कि इसी वजह से कांग्रेस क्षेत्र में विश्वास खो रही है।
BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय और अन्य नेताओं ने भी इसे “राष्ट्रपति और उत्तर-पूर्व की संस्कृति का अपमान” बताया।BJP का कहना है कि पटका उत्तर-पूर्व की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जिसे सम्मान से पहनना चाहिए था।
असमिया ‘फटका’ आतिथ्य, सम्मान और एकता का प्रतीक माना जाता है।वहीं, कांग्रेस ने इसे “नकली ड्रामा” और राजनीतिक स्टंट बताया। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि राहुल गांधी ने पटका को सम्मान से हाथ में रखा, फेंका या ठुकराया नहीं।
कुछ कांग्रेसियों ने वीडियो और फोटो शेयर कर कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य BJP नेता भी पटका नहीं पहने, फिर अपमान सिर्फ राहुल पर क्यों?
कांग्रेस ने सीसीटीवी फुटेज जारी करने की चुनौती भी दी और कहा कि BJP राहुल गांधी को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक कांग्रेस नेता ने कटाक्ष किया, “अगर पटका न पहनना अपमान है, तो राजनाथ सिंह से भी हिमंता सरमा माफी मांगवाएं।” कांग्रेस का तर्क है कि यह मुद्दा बनाकर असल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।यह विवाद शाम को वायरल फोटो और वीडियो के बाद तेज हुआ। राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रम में राहुल गांधी खड़गे के साथ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देने पहुंचे थे। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं,

















