झारखंड आंदोलन के शहीदों के परिवारों को किये गए वादे याद करे हेमंत : बाबूलाल मरांडी
टीम दृष्टि
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को चुनाव से पहले किए गए वादों को याद दिलाते हुए कहा है कि आपकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के चुनावी निश्चय पत्र में साफ-साफ शब्दों में लिखा है कि-“झारखंड आंदोलन के शहीदों के परिवारों तथा आंदोलकारियों के लिए पेंशन योजना सरकार बनने के एक साल के अंदर शुरू कर दी जाएगी। लेकिन इस ओर सरकार के तरफ से कोई भी पहल नहीं की गई है ऐसा लगता है कि यह सिर्फ चुनावी वादे
थे।
उन्होंने कहा है कि झारखंड आंदोलनकारी चिह्नितीकरण आयोग का कार्यकाल पिछले अप्रैल माह में ही समाप्त हो चुका है.आयोग में 50 हज़ार झारखंड आंदोलकारियों का आवेदन मंजूरी के लिए लंबित है.इसके साथ ही आंदोलकारियों का पेंशन भुगतान भी कई महीनों से लंबित है.जबकि महागठबंधन सरकार अपना दसवां महीना पूर्ण कर रही और उनके हिस्से में जो कुछ मिल रहा था वो भी कई महीनों से बंद है। ऐसे में गठबंधन सरकार के लगभग 1 साल पूरे होने वाले हैं। लेकिन शहीदों के परिवार और आंदोलनकारियों को किए गए वादे पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। जो समझ से परे है।

















