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आज चुनाव हुए तो लोगो की पहली पसंद के CM हेमंत सोरेन दूसरे नंबर पर बाबूलाल मरांडी सर्वे

 

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ओपीनियन मैटर्स- अ रेटिंगोलॉजी सर्वे ऑफ झारखंड पॉलिटिकल क्राइसिस

झारखंड की राजनीति में गहराए संकट के बादल अभी छटे नहीं हैं। मुख्यमंत्री( CM )हेमंत सोरेन के चुनिंदा अधिकारियों पर कार्रवाई की बात हो या खुद उन पर अपने पद का दुरुपयोग कर आर्थिक लाभ लेने का आरोप, भाजपा ने सभी मुद्दों को भुनाने और 2019 से अभी तक के वर्तमान सरकार के कार्यकाल और सोरेन की कार्यशैली पर हमलावर होने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं।

चारों तरफ संकट से घिरे हेमंत ने अभी तक सफलतापूर्वक ना सिर्फ इन आरोपों का सामना किया है, बल्कि अभी तक महागठबंधन की सरकार बचाने में सफल भी रहे हैं।

हेमंत सोरेन की सरकार ने हाल ही में लंबे समय से चली आ रही 1932 के खतियान पर आधारित स्थानीय नीति लागू कर अपना पक्ष भी मजबूत किया है। झारखण्ड में इस सियासी उठापठक की शुरुआत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मुद्दे से शुरू हुई, जिसे आधार बनाकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की उठी। इसके बाद यूपीए विधायकों की बैठक हो या फिर पिकनिक टूर, चाहे झारखण्ड के राज्यपाल रमेश बैस से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुलाक़ात हो या फिर विधानसभा में विश्वासमत जीतने की बात, हेमंत आज पहले से अधिक कुशल राजनीतिज्ञ के तौर पर उभरे हैं

इस घटनाक्रम के बीच रेटिंगोलॉजी ने झारखण्ड की जनता का रुख किया। हमने झारखण्ड में हो रही राजनीतिक हलचल को लेकर ‘ओपिनियन मैटर्स- अ रेटिंगोलॉजी सर्वे ऑफ झारखंड पॉलिटिकल क्राइसिस’ नाम से ऑनलाइन सर्वे किया। इस सर्वे में झारखंड के सभी 24 जिलों से 15 हज़ार से अधिक लोगों ने हिस्सा लेकर झारखंड की राजनीति से जुड़े 16 सवालों के जवाब दिए।

आइए, जानते हैं कि झारखंड की सियासी उथापथल के बीच राज्य की जनता इस घटनाक्रम को कैसे देखती है।

सर्वे के सवाल

1. क्या हेमंत सोरेन को सीएम पद त्याग देना चाहिए? 

इस सवाल के जवाब में  32% लोगों को लगता है कि हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। वहीं 59 फीसदी लोगों का मानना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपने पद पर बने रहना चाहिए। 9 फीसदी ऐसे लोग भी थे जिन्होंने इस सवाल के उत्तर में ‘नहीं पता’ का विकल्प चुना।

 

2. सीएम के विरुद्ध साजिश होने की बात से आप सहमत हैं?

31 फीसदी लोग मानते हैं कि सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ साजिश हुई है। लेकिन इस बात को नकारने वालों की संख्या ज्यादा है। 57% जनता को लगता है कि सीएम के साथ किसी तरह कि कोई साजिश नहीं हो रही है। वहीं 12 फीसदी लोगों ने नहीं पता के बटन पर क्लिक किया।

3. क्या आपकी नजर में हेमंत सोरेन ने पद का दुरूपयोग किया है?  

आधी से ज्यादा आबादी को लगता है कि हेमंत सोरेन ने पद का दुरूपयोग किया है। यानी 53 फीसदी लोगों ने ‘हाँ’ वाले ऑप्शन को चुना। 45 फीसदी आबादी को लगता है कि सीएम हेमंत सोरेन पद का कोई दुरूपयोग नहीं कर रहे हैं।
4. क्या आप हेमंत सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं?  झारखण्ड की 53% जनसंख्या हेमंत सरकार के ढाई साल के कामकाज से संतुष्ट नजर आई। वहीं 29% लोग वर्तमान सरकार की कार्यशैली से नाराज़ दिखे। 4 फीसदी ने नहीं पता का विकल्प चुना.

5. क्या झारखंड में राष्ट्रपति शासन लग जाना चाहिए?  

सर्वे में भाग लेने वाले 87 फीसदी लोगों को लगता है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की कोई ज़रुरत नहीं है। वहीं 4 फीसदी लोगों का मानना है कि झारखण्ड में राष्ट्रपति शासन लग जाना चाहिए। 9 फीसदी लोगों ने नहीं पता के विकल्प पर क्लिक किया।

6. अगर आज चुनाव होते हैं तो आप किसे वोट देंगे?  

वर्तमान सरकार के गिरने और आम चुनाव की ghosna होने पर झारखण्ड की 36 फीसदी आबादी आज भी जेएमएम को वोट देने को तैयार है। वहीं झारखण्ड की 32 फीसदी जनता बीजेपी के साथ जाना चाहती है। 17 फीसदी लोगों ने कांग्रेस को वोट करने की बात कही। एक फीसदी लोग आजसू, वामदल और राजद को वोट करना चाहती है। इस सवाल के जवाब में 4% लोगों ने अदर्स के बटन को दबाया। वहीं 8 फीसदी लोगों ने नोटा का विकल्प चुनना बेहतर समझा।

7.आज चुनाव होते हैं तो सीएम पद पर आपकी पहली पसंद कौन हैं?

इस दौड़ में सबसे आगे हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। 41 फीसदी लोग हेमंत सोरेन को सीएम की कुर्सी पर देखना चाहते हैं। 28 फीसदी जनता की पसंद बाबूलाल मरांडी हैं। 4 फीसदी जनता झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास को सीएम के पद पर देखना चाहती हैं। 16 फीसदी ऐसे भी हैं जो शिबू सोरेन को बतौर सीएम देखना चाहते हैं। वहीं एक प्रतिशत लोग, झारखण्ड के पूर्व उप मुख्यमंत्री व वर्तमान सांसद सुदेश महतो और सीता सोरेन को सीएम के रूप में देखना चाहते हैं। इस सवाल के जवाब में 6 फीसदी लोगों ने अन्य का विकल्प चुना।

8. क्या कांग्रेस गठबंधन तोड़ सकती है?

झारखण्ड के 42 फीसदी लोग मानते हैं कि कांग्रेस गठबंधन तोड़ सकती है। 41 फीसदी आबादी का कहना है कि  कांग्रेस गठबंधन में बनी रहेगी। 17 फीसदी ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने पता नहीं के विकल्प पर क्लिक किया है।

9. क्या महागठबंधन में टूट के आसार हैं? 

इस सवाल के जवाब में 83 फीसदी लोगों ने ‘हाँ’ का विकल्प चुना। 9 फीसदी का मानना है कि महागठबंधन नहीं टूटेगा। 8 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें नहीं पता।

10. क्या जेएमएम के विधायक एकजुट हैं? 

सर्वे में भाग लेने वाले 68% लोग मानते हैं कि जेएमएम के विधायक एकजुट हैं। वहीं 21 फीसदी को लगता है कि जेएमएम के विधायक टूट सकते हैं। 11 फीसदी लोगों को इस बारे में कुछ पता नहीं।

11. क्या आप राजभवन की भूमिका से संतुष्ट हैं? 

राज्य के 92 फीसदी लोग राजभवन की भूमिका से असंतुष्ट हैं। वहीँ 8% ऐसे भी लोग हैं जो राजभवन की भूमिका से संतुष्ट हैं।

12. क्या आप चुनाव आयोग की भूमिका से संतुष्ट हैं?  

इस सवाल का उत्तर देते हुए 42 फीसदी लोगों ने कहा है कि वह चुनाव आयोग की भूमिका से संतुष्ट नहीं हैं। 39 फीसदी लोग संतुष्ट हैं। वहीं 19 फीसदी लोगों ने नहीं पता का विकल्प चुना।

13. क्या बीजेपी संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर रही है?  

51 फीसदी लोगों का मानना है कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर रही है। वहीं 47 फीसदी लोगों ने इस बात को नकारा है।

14. क्या जेएमएम खुद फंस जाने की स्थिति में संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रही है?   

इस सवाल का उत्तर देते हुए 68% लोगों ने ‘हाँ’ का विकल्प चुना और 25% लोगों ने ‘नहीं’ का विकल्प चुना। वहीं 7 फीसदी लोगों ने ‘पता नहीं’ के बटन को दबाना सही समझा।

15. संवैधानिक संस्थाओं से पहले बीजेपी नेताओं द्वारा ट्वीट कर जानकारी देना उचित्त है? 

इस सवाल पर 94 फीसदी लोगों का मानना है कि संवैधानिक संस्थाओं से पहले बीजेपी नेताओं द्वारा ट्वीट कर जानकारी देना उचित्त नहीं है। वहीं 5 फीसदी लोग इसे सही मानते हैं।

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