डालसा ने शुरू किया ‘साथी अभियान’, असहाय बच्चों के लिए आधार कार्ड निर्माण में मिलेगी मदद
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), सिमडेगा ने गरीब, असहाय और अनाथ बच्चों को आधार कार्ड उपलब्ध कराने के लिए ‘साथी अभियान’ की शुरुआत की है। यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के दिशा-निर्देशों के तहत शुरू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य संविधान के अनुरूप समान न्याय को बढ़ावा देना और असहाय बच्चों को कानूनी पहचान प्रदान कर सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने बताया कि आधार कार्ड बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सरकारी लाभ प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके अभाव में बच्चे कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस अभियान के तहत 26 जून तक आधार कार्ड रहित अनाथ और असहाय बच्चों का सर्वेक्षण और पहचान का कार्य पूरा किया गया है। वहीं, 5 अगस्त तक विशेष शिविरों के माध्यम से इन बच्चों के आधार कार्ड के लिए पंजीकरण किया जाएगा।
इसके लिए जिला स्तर पर ‘साथी कमेटी’ का गठन किया गया है, जो प्रखंड स्तर पर सर्वेक्षण और बच्चों की पहचान का कार्य कर रही है। मरियम हेमरोम ने बताया कि जिले के सभी आधार केंद्रों में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जहां चिन्हित बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा रहा है। अब तक 14 असहाय, अनाथ और जरूरतमंद बच्चों का आधार कार्ड के लिए पंजीकरण कराया जा चुका है।
सचिव ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि यदि किसी के संज्ञान में ऐसे बच्चे हैं, जिनका आधार कार्ड नहीं बना है, तो वे इसकी जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दें। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सीधे प्राधिकार कार्यालय में संपर्क कर इस अभियान के बारे में जानकारी दे सकता है या लाभ प्राप्त कर सकता है।
यह अभियान न केवल बच्चों को कानूनी पहचान प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने में भी सक्षम बनाएगा। डालसा का यह प्रयास समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

















