बांग्लादेश ने बंगाल की खाड़ी में 34 भारतीय मछुआरों को हिरासत में लिया, भारत ने शुरू की रिहाई की कवायद
बांग्लादेश नौसेना ने बंगाल की खाड़ी में कथित तौर पर अवैध रूप से मछली पकड़ने और देश की समुद्री सीमा में अनधिकृत प्रवेश के आरोप में 34 भारतीय मछुआरों को हिरासत में लिया है। यह घटना 14-15 जुलाई की मध्यरात्रि को मोंगला बंदरगाह के पास हुई, जहां दो भारतीय मछली पकड़ने वाली नौकाओं, एफबी झोर और एफबी मंगल चांदी-38, को भी जब्त किया गया।
हिरासत में लिए गए मछुआरे पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप क्षेत्र के निवासी हैं। बांग्लादेशी अधिकारियों का दावा है कि ये मछुआरे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) को पार कर बांग्लादेशी जलक्षेत्र में मछली पकड़ रहे थे। सूत्रों के अनुसार, खराब मौसम और अंधेरे के कारण मछुआरे अनजाने में सीमा पार कर गए हो सकते हैं।
भारत ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कूटनीतिक कदम उठाए हैं। भारतीय उच्चायोग ने ढाका में बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को उठाया और मछुआरों तक तत्काल काउंसलर पहुंच की मांग की। भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सभी मछुआरों और उनकी नौकाओं की सुरक्षित और शीघ्र वापसी के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
सुंदरबन समुद्री मछुआरा श्रमिक यूनियन के प्रतिनिधि सतीनाथ पात्रा ने इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति पर चिंता जताई और दोनों देशों के बीच समुद्री सीमा विवाद के स्थायी समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि खराब मौसम और अपर्याप्त नेविगेशन उपकरणों के कारण मछुआरे अक्सर अनजाने में सीमा पार कर जाते हैं।
भारत और बांग्लादेश के बीच समुद्री सीमा पर इस तरह की घटनाएं असामान्य नहीं हैं, क्योंकि दोनों देशों के मछुआरे अक्सर खराब मौसम और नेविगेशन की कमी के कारण सीमा पार कर जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों को इस मुद्दे पर एक स्पष्ट और मानवीय द्विपक्षीय समुद्री प्रोटोकॉल स्थापित करने की आवश्यकता है।


















