देवघर: इरफान अंसारी का निशिकांत दुबे पर तंज, ‘मीडिया में छाने के लिए थाने पहुंचे, पहले से पता था बेलेबल मामला
देवघर: इरफान अंसारी का निशिकांत दुबे पर तंज, ‘मीडिया में छाने के लिए थाने पहुंचे, पहले से पता था बेलेबल मामला
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!देवघर, 10 अगस्त : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जबरन प्रवेश के आरोप में सांसद निशिकांत दुबे पर जमकर निशाना साधा है। शनिवार को देवघर में एक पार्टी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे अंसारी ने दुबे की थाने जाकर गिरफ्तारी देने की घटना को ‘मीडिया में सुर्खियां बटोरने का ड्रामा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि निशिकांत दुबे को पहले से पता था कि मामला बेलेबल है, इसलिए उन्होंने यह नाटक रचा।
‘निशिकांत को पता है कब होगी गिरफ्तारी’
इरफान अंसारी ने सांसद निशिकांत दुबे पर कटाक्ष करते हुए कहा, “वह बड़े नेता हैं और उन्हें अच्छे से पता है कि किस मामले में गिरफ्तारी होगी और किसमें नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि दुबे ने जानबूझकर बाबा मंदिर थाने जाकर हंगामा किया, क्योंकि वह जानते थे कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी। अंसारी ने कहा, “यह सब मीडिया में छाने की उनकी पुरानी रणनीति है।”
बिहार चुनाव और बीजेपी पर हमला
देवघर में पत्रकारों से बात करते हुए अंसारी ने बिहार चुनाव को लेकर भी बीजेपी और जदयू पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि बिहार में वोटर सत्यापन के बहाने कांग्रेस के पारंपरिक वोटरों को हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी का बिहार दौरा जल्द होगा, और इसके बाद इंडिया गठबंधन बिहार में जीत का परचम लहराएगा।” अंसारी ने बीजेपी पर चुनाव से पहले बांग्लादेशी घुसपैठ और SIR जैसे मुद्दे उछालने का आरोप लगाया, जिसका जवाब जनता देगी।
नागरिकता विवाद पर बयान
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंडिया गठबंधन और कांग्रेस की सरकार बनने पर उन लोगों को संरक्षण दिया जाएगा, जिनकी नागरिकता पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने ऐसी सभी प्रक्रियाओं को बंद करने की बात कही।
पृष्ठभूमि: मंदिर विवाद
बता दें कि 2 अगस्त को श्रावणी मेले के दौरान निशिकांत दुबे, उनके बेटे कनिष्क कांत, सांसद मनोज तिवारी और अन्य पर मंदिर के निकास द्वार से जबरन गर्भगृह में प्रवेश करने और धार्मिक परंपराओं के उल्लंघन का आरोप है। आदित्य वाहिनी के महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर की शिकायत पर FIR दर्ज हुई थी। शनिवार को दुबे थाने में गिरफ्तारी देने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला देकर गिरफ्तारी से इनकार कर दिया।
राजनीतिक तकरार
जाहिर है इस मामले में बीजेपी निशिकांत दुबे का समर्थन कर रही है, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसे गलत ठहरा रहे हैं। अंसारी के बयान ने इस विवाद को और हवा दी है, जिससे झारखंड की सियासत में तनातनी बढ़ गई है।

















