उपायुक्त ने किया सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण, 108 एम्बुलेंस व्यवस्था पर जताई चिंता
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : उपायुक्त कंचन सिंह ने बुधवार को सदर अस्पताल सिमडेगा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की संचालन व्यवस्था का जायजा लिया और कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान से 108 एम्बुलेंस सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में कुल 14 एम्बुलेंस हैं, जिनमें से 11 खराब हैं और केवल 3 चालू हालत में हैं।
इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए 108 एम्बुलेंस संचालक को तलब करने और सभी खराब एम्बुलेंस को शीघ्र ठीक कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जिले में अन्य स्रोतों से उपलब्ध एम्बुलेंस की स्थिति की भी जानकारी मांगी। साथ ही, एम्बुलेंस चालकों, अस्पताल प्रबंधक और सिविल सर्जन के मोबाइल नंबर सार्वजनिक स्थानों पर बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित करने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आदेश दिया, ताकि मरीजों और घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
महिला वार्ड के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मरीजों की स्थिति और इलाज में प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने ओपीडी, ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति रजिस्टर और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की भी जांच की। इस दौरान एक डॉक्टर के अनुपस्थित पाए जाने पर सिविल सर्जन को स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। इसके अलावा, मरीजों और उनके परिजनों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की समीक्षा की गई और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कुरडेग-सिमडेगा रोड पर झारेन मोड़ के पास दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति की स्थिति का जायजा ड्रेसिंग रूम में लिया। डॉक्टरों ने मरीज को रांची रिम्स रेफर करने की बात कही थी, लेकिन कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो गई।
उपायुक्त ने ब्लड बैंक केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान बताया गया कि वर्तमान में 45 यूनिट ब्लड उपलब्ध है। उन्होंने महीने भर में ब्लड की आवश्यकता का मूल्यांकन करने और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों के लिए ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में 56 सिकल सेल मरीज चिन्हित हैं, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है।
उपायुक्त ने अस्पताल प्रशासन को व्यवस्थाओं में सुधार लाने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।

















