घरेलू विवाद ने पति को बनाया पत्नी का किलर.
गिरिडीह : करमाघाटी जंगल में बंद बोरे में मिले महिला के शव और उसकी हत्या का खुलासा करने में गिरिडीह की गांवा थाना पुलिस सफल रही। महिला की हत्या में शामिल हत्यारे पति राजन राय समेत सात आरोपियों को दबोचने में भी पुलिस सफल रही। हत्याकांड में शामिल उन सभी समानों को भी बरामद लिया गया। जिसमें हीरो होंडा बाईक के साथ महिला के शव को ढोने वाले पिकअप वैन और दो मोबाइल शामिल है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गांवा पुलिस को मिले सफलता के बाद शुक्रवार को पुलिस लाईन में प्रेसवार्ता कर एसपी अमित रेणु के साथ डीएसपी संतोष मिश्रा, पुलिस निरीक्षक विनय राम और गांवा थाना प्रभारी धु्रव सिंह ने बताया कि मृतिका ममता देवी और उसके पति राजन राय का आपस में वैवाहिक संबध बेहतर नहीं थे। अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ करता था। बीतें सात जनवरी को ही राजन और पत्नी ममता के बीच हुए विवाद के बाद ममता के हत्या की प्लानिंग तय की गई। जिसमें हत्यारे पति राजन ने अपने बड़े भाई पंकज यादव और पिता मुसाफिर यादव के साथ मिलकर पहले कोडरमा में ही हत्या किया। फिर मृतिका की पहचान छिपाने के लिए पति ने पत्नी के चेहरे को भी पत्थर से कुचल दिया था। इसके बाद उसके शव को छिपाने के लिए योजना बनाया गया। घटना के दिन ममता के शव को सारा दिन घर पर ही छिपाकर रखा गया।
जबकि दुसरे दिन आठ जनवरी को मृतिका के ससुर मुसाफिर यादव ने ममता के पति और अपने बेटे राजन राय, पंकज यादव, रामजी राय, फूफा बीरा लाल यादव और चचेरे भाई उमा यादव के साथ मिलकर ममता के शव को एक बोरे में भरा। और कोडरमा में ही एक पिकअप वैन को किसी दुसरे बहाने से बुक कर बोरे को उस में लोड कर खेरडा ढाब के रास्ते गांवा के करमाघाटी जंगल के खाई के समीप ले गया। जहां मृतिका ममता के शव से भरे बोरे को खाई में गिरा दिया गया।
शव मिलने के तीसरे दिन मृतिका के शव की पहचान उसके पिता राजेन्द्र यादव ने किया था। इस दौरान पिता ने अपने दामाद समेत बेटी के ससुराल वालों पर ही हत्या का आरोप लगाया था। पिता के लगाएं आरोपों के आधार पर आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
गिरिडीह, दिनेश
















