दांत दर्द के इलाज में लापरवाही से वृद्ध महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया गंभीर आरोप

चतरा जिले के सदर थाना क्षेत्र के लोवागड़ा गांव में एक सनसनीखेज घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। दांत दर्द के इलाज के लिए शहर के गुदरी बाजार स्थित ज्या डेंटल क्लिनिक ले जाए गई वृद्ध महिला गोमती देवी (उम्र अज्ञात) की इलाज के मात्र 10 घंटे बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतिका के परिजनों ने क्लिनिक संचालक डॉक्टर ज्या पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और गलत इंजेक्शन देने का गंभीर आरोप लगाते हुए दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों के अनुसार, गोमती देवी को कई दिनों से दांत में तेज दर्द हो रहा था। शुक्रवार को वे उन्हें इलाज के लिए ज्या डेंटल क्लिनिक ले गए। जांच के बाद डॉक्टर ज्या ने दवा लिखी और इंजेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू की। आरोप है कि इंजेक्शन देते समय नीडल टूट गई, जो मृतिका के शरीर में ही फंसी हुई है। इंजेक्शन लगने के बाद गोमती को घर लाया गया, लेकिन देर रात उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन तुरंत उन्हें सदर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतिका के पुत्र पंकज मिश्रा ने बताया, “मां को इंजेक्शन लगाने के दौरान नीडल टूट गई। डॉक्टर ने इसे नजरअंदाज कर दिया। रात में अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई और मुंह से झाग निकलने लगा। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” पंकज ने डॉक्टर ज्या के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और क्लिनिक को तत्काल सील करने की मांग की है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक जनार्दन पासवान सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतिका के परिजनों से मुलाकात की और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का आश्वासन दिया। विधायक ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “झारखंड में डॉक्टरों की भारी कमी है, लेकिन सरकार सिर्फ घोषणाओं और बयानबाजी तक सीमित है। आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

दूसरी ओर, आरोपी डॉक्टर ज्या ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों से इंकार किया है। उन्होंने कहा, “महिला जब क्लिनिक आई थी, तब वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। परिजनों ने दांत निकालने का दबाव बनाया, लेकिन मैंने दवा लिखकर तीन दिन बाद आने की सलाह दी थी। मैंने कोई घातक दवा या इंजेक्शन नहीं दिया। मुंह से झाग निकलने का कारण मेरी दवा नहीं, बल्कि परिजनों द्वारा दी गई कोई जहरीली चीज हो सकती है। जांच में सब साफ हो जाएगा – दूध का दूध और पानी का पानी।”

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर पंकज ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम एक मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारण का पता चलेगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


















