कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न.
राँची : फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ काॅमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के कार्यकारिणी समिति की तीसरी बैठक अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा की अध्यक्षता में चैंबर भवन में संपन्न हुई। बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने जीएसटी के हालिया संशोधनों से हो रही कठिनाईयों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जीएसटी को जिस उद्देष्य के साथ लाया गया था, उसके प्रावधान उद्देष्यों के विपरीत और काफी जटिल हो गये हैं। माल के परिवहन हेतु ई-वे बिल में किये गये संशोधन 1 दिन में 200 कि.मी चलने के प्रावधान से ट्रांस्पोर्ट और व्यवसायी दोनों प्रताडित हो रहे हैं। व्यवसायियों के आग्रह पर चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा ने कहा कि शीघ्र ही राज्य जीएसटी सलाहकार समिति की बैठकों का आयोजन कराकर, जीएसटी के जटिल प्रावधानों में सुधार हेतु बातों को रखा जायेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उन्होंने यह भी कहा गया कि दस्तावेजों के अभाव में व्यवसायी चाहते हुए भी ट्रेड लाइसेंस बनाने और अपने लाइसेंस का नवीकरण कराने से वंचित हो जा रहे हैं। निगम को विचार करते हुए ट्रेड लाईसेंस के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई को कम करने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए। विदित हो कि व्यवसायियों की सुविधा के लिए चैंबर द्वारा पिछले पांच दिनों से क्षेत्रवार कैंप लगाया जा रहा है। आज कुल 30 लाइसेंस का कार्य किया गया। कल चैंबर भवन के अलावा मोदी धर्मशाला में ट्रेड लाइसेंस बनाने और नवीरकण हेतु कैंप लगाया जायेगा।
बैठक के दौरान बैंक मोड चैंबर ऑफ काॅमर्स की ओर से उपस्थित व्यापारियों ने कहा कि यूजर चार्ज के नाम पर धनबाद में निगम द्वारा व्यापारियों को अनावष्यक रूप से प्रताडित किया जा रहा है। व्यवसायियों ने राज्य में प्रोफेशनल टैक्स की अनिवार्यता पर भी प्रश्नचिन्ह उठाये और कहा कि यदि जरूरी ही हो तो इसे होल्डिंग टैक्स में समाहित करते हुए, व्यवसायियों पर अतिरिक्त कंप्लायंस के बर्डेन से मुक्त करना चाहिए। धनबाद में एयरपोर्ट की स्थापना हेतु व्यवसायियों ने फेडरेशन चैंबर से आवष्यक कार्रवाई का आग्रह किया जिसपर चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा ने शीघ्र ही एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ आयोजित होनेवाली बैठक में इस मुद्दे को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखने का आष्वासन दिया।
व्यवसायियों ने यह भी कहा कि एक तरफ माननीय प्रधानमंत्री द्वारा वोकल फाॅर लोकल हेतु प्रेरित किया जा रहा है किंतु राज्य में सरकारी कंपनियों के अलावा पीएसयू द्वारा स्थानीय व्यापारियों व उद्यमियों से उनके उत्पाद नहीं खरीदे जाते हैं। यह भी कहा गया कि अप्रैल 2020 के बाद से राज्य में लौह अयस्क की खदानें बंद हैं। खदानें बंद होने के कारण झारखण्ड में लोहे पर आधारित उद्योगों की आवष्यकता के लिए अयस्क दूसरे प्रदेश से मंगाना पडता है जिस कारण राज्य सरकार को बहुत बडे आय से वंचित रहना पडता है। इसी प्रकार सेल का आयरन ओर चूर्ण (डस्ट) को बेंचने की अनुमति भी राज्य सरकार के स्तर से स्थगित है जिसपर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। उद्यमियों ने यह भी कहा कि झारखण्ड में स्टील सेक्टर में अपार संभावनाओं को देखते हुए शीघ्र ही फेडरेशन चैंबर द्वारा केंद्रीय ईस्पात मंत्री के उपस्थिति में कन्कलेव का आयोजन किया जायेगा।
बैठक के दौरान ही कुल 12 अतिरिक्त उप समितियों का गठन किया गया। उद्यमियों की समस्याओं के समाधान हेतु उद्योग विभाग द्वारा आयोजित बैठकों को बार-बार स्थगित किये जाने पर उद्यमियों ने आपत्ति जताई और कहा कि उद्योग विभाग का काम टैक्स कलेक्शन का नहीं वरन् उद्योगों को फेसीलिटेट करना है। बार-बार बैठकों को बिना कारण बताये रद्द कर देना चिंतनीय है। व्यवसायियों ने यह भी कहा कि गृह मंत्रालय के निर्देश के उपरांत प्रायः सभी राज्यों में सिनेमा हाॅल/मल्टीप्लेक्स खुल गये हैं किंतु झारखण्ड में इसकी अनुमति नहीं दी गई है, जिसपर सरकार को शीघ्र विचार करना चाहिए।
आज की बैठक में चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा, उपाध्यक्ष किशोर मंत्री, धीरज तनेजा, महासचिव राहुल मारू, सह सचिव दीनदयाल बरनवाल, कोषाध्यक्ष परेश गट्टानी, कार्यकारिणी सदस्य संजय अखौरी, आदित्य मल्होत्रा, अमित शर्मा, शैलेष अग्रवाल, सोनी मेहता, अमित किषोर, मनीश सर्राफ, मुकेश अग्रवाल, विकास विजयवर्गीय, निवर्तमान अध्यक्ष कुणाल अजमानी, उप समिति चेयरमेन, प्रमोद सारस्वत, एससी जैन, ब्रजेश कुमार, आनंद जालान, विनय छापडिया, विकास सिन्हा, सदस्य शंकर झा, प्रभात सुरोलिया, प्रमोद गोयल के अलावा कई व्यापारी उपस्थित थे।

















