कोरोना के कारण नहीं हुआ भैययारी का आयोजन.
Giridih, Dinesh.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गिरिडीह : कलम और कागज के देव भगवान चित्रगुप्त की पूजा सोमवार को गिरिडीह में धूमधाम के साथ मनाया गया। कोरोना को देखते हुए कायस्थ समाज ने भगवान चित्रगुप्त की पूजा को कोविद-19 के नियमों के साथ किया। शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कायस्थ समाज की और भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति स्थापित की गई। इस दौरान शुभ मुर्हुत के साथ शहर के अधिवक्ता संघ भवन के अलावे चित्रांश भवन, बनियाडीह गेस्ट हाउस और पालगंज में भी मूर्ति स्थापित कर कायस्थ समाज के गणमान्य लोगों ने पूजा-अर्चना किया। अधिवक्ता संघ भवन में जहां अधिवक्ता चुन्नूकांत, चंदन सिन्हा, सतीश कुंदन, शिवेन्द्र सिन्हा, सुभाष सिन्हा के साथ सेवानिवृत कर्मी कृष्णा सिन्हा समेत कई कायस्थ समाज से जुड़े अधिवक्ताओं ने भगवान चित्रगुप्त की अराधना किया। वहीं पूरे विधी-विधान के साथ पूजा-अर्चना भी किया गया। वहीं सीसीएल के आॅफिसर्स क्लब में ही बनियाडीह कायस्थ समाज के गणमान्य लोगों ने भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति स्थापित की। और चित्रगुप्त का आह्वान किया।
पूजा-अर्चना के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पालगंज में ही कायस्थ समाज के लोगों ने भगवान चित्रगुप्त के फोटो के समक्ष पूजा-अर्चना किया। इधर डुमरी प्रखण्ड के चित्रांश परिवारों ने ईसरी बाजार के हटिया टांड़ के सामुदायिक भवन में हर वर्ष की भांति व इस वर्ष भी सामूहिक रूप से अपने आराध्य देव सह मनुष्यों के कर्मो का लेखाजोखा रखने वाले भगवान चित्रगुप्त की पूजा आराधना सोमवार को कोरोना वैश्विक महामारी के कारण सादगीपूर्ण तरीके से की। कार्यक्रम को सफल बनाने में बसंत सिन्हा, जयंत सिन्हा, रवि सिन्हा, सत्यनारायण सिन्हा, राजेश सिन्हा, मुकेश सिन्हा, रंजीत सिन्हा, किरण सिन्हा, शशिभूषण प्रसाद, राहुल रंजन, संजीव सिन्हा, चंदन सिन्हा, प्रमोद सिन्हा, सागर सिन्हा, मन्नत सिन्हा, कामेश्वर प्रसाद, जितेन्द्र सिन्हा, अनिल सिन्हा, बिरेन्द्र सिन्हा, सन्नी सिन्हा आदि उपस्थित की अहम भूमिका रही।

















