20260131 221910

झारखंड सरकार और जिंदल फाउंडेशन के बीच बड़ी साझेदारी: युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और कौशल देंगे, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा

रांची : झारखंड सरकार राज्य के युवाओं को शिक्षा, शोध और क्षमता निर्माण के माध्यम से वैश्विक मंच पर मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसी कड़ी में जिंदल फाउंडेशन ने राज्य सरकार के साथ शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक साझेदारी का प्रस्ताव रखा है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

यह प्रस्ताव लंदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (Expression of Interest) के रूप में सौंपा गया। फाउंडेशन झारखंड को औद्योगिक हब बनाने के साथ मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, खासकर रामगढ़ और पतरातू क्षेत्र में उभरते स्टील हब की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए।

प्रमुख क्षेत्र जहां होगी साझेदारी:

सार्वजनिक नीति और जलवायु परिवर्तन पर शोध

पूर्वी भारत की चुनौतियों पर फोकस करते हुए पब्लिक पॉलिसी, कानून और क्लाइमेट चेंज में शैक्षणिक सहयोग। इससे क्षेत्रीय छात्रों को समावेशी और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलेगी।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना

IIT-ISM धनबाद, BIT सिंदरी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर स्टील सेक्टर, खनिज प्रसंस्करण और क्रिटिकल मिनरल्स में रिसर्च एवं इनोवेशन का केंद्र बनेगा। यह राज्य में नवाचार का नेतृत्व करेगा।

हाशिए पर रहने वाले मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति

सरकार और फाउंडेशन 50:50 लागत साझेदारी से संयुक्त छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू करेंगे। वंचित समुदायों, छात्राओं को कानून, सार्वजनिक नीति, प्रबंधन में उच्च शिक्षा के लिए सहायता मिलेगी। खेल-आधारित छात्रवृत्तियां भी शामिल, ताकि होनहार एथलीटों को आर्थिक बाधा न आए और वे पढ़ाई जारी रख सकें।

प्रशासनिक अधिकारियों का क्षमता निर्माण

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के लगभग 30 मिड-कैरियर अधिकारियों (प्रशासनिक और पुलिस सेवा) के लिए साल में दो बार विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम। इससे शासन और सेवा वितरण में वैश्विक मानक अपनाए जा सकेंगे।

जिंदल फाउंडेशन का मानना है कि झारखंड में स्किल्ड मैनपावर की बढ़ती मांग को पूरा करना जरूरी है, जिससे राज्य का मानव विकास सूचकांक (HDI) बेहतर होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस साझेदारी को युवा सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

Share via
Share via