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झारखंड कांग्रेस में ‘संवाद’ से सुलझेगा संकट: वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर 18 तारीख तक रहेंगे मौन, आलाकमान तक पहुँचेगी बात

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रांची: झारखंड की राजनीति और कांग्रेस संगठन के भीतर जारी हलचल के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व सांसद धीरज साहू और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रांची के अशोक नगर स्थित आवास पर राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी के भीतर उपजे असंतोष को दूर करना और संगठनात्मक एकजुटता को बनाए रखना था।

पार्टी हित सर्वोपरि, लेकिन सम्मान से समझौता नहीं

मुलाकात के बाद वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि वे पार्टी के कुछ हालिया निर्णयों से आहत हैं। हालांकि, उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के आग्रह का सम्मान करते हुए बड़ा फैसला लिया है।
राधा कृष्ण किशोर ने कहा: >

“मैंने जो बातें कही हैं, वे पार्टी विरोधी नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और दलित-वंचितों के सम्मान से जुड़ी हैं। आप दोनों के आग्रह पर मैं 18 तारीख तक संयम** बनाए रखूंगा और कोई सार्वजनिक बयान नहीं दूंगा। मैं अपनी बात झारखंड प्रभारी के. राजू के समक्ष विस्तार से रखूंगा

विपक्ष को मौका न देने की रणनीति

बैठक में मौजूद पूर्व सांसद  धीरज साहू  ने दोटूक शब्दों में कहा कि सार्वजनिक बयानबाजी से संगठन को नुकसान होता है और इसका सीधा लाभ विपक्ष, विशेषकर भाजपा उठाने की कोशिश करती है। उन्होंने जोर दिया कि घर के मसले घर के अंदर यानी सांगठनिक मंच पर ही हल होने चाहिए।

अभिभावक’ की भूमिका में किशोर: डॉ. इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राधा कृष्ण किशोर को पार्टी का स्तंभ और अभिभावक बताया। उन्होंने कहा:

मजबूत आवाज: राधा कृष्ण किशोर केवल दलित समाज ही नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों और वंचितों की भी प्रखर आवाज हैं।

आलाकमान को रिपोर्ट:

उनकी भावनाओं और सुझावों को पूरी गंभीरता के साथ कांग्रेस आलाकमान तक पहुँचाया जाएगा।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया:

कांग्रेस एक परिवार है जहाँ हर समस्या का समाधान बातचीत से निकलता है।

इस मुलाकात ने फिलहाल के लिए कांग्रेस के भीतर उठ रहे असंतोष के ज्वार को शांत कर दिया है। अब सभी की निगाहें 18 तारीख और प्रभारी के. राजू के साथ होने वाली बैठक पर टिकी हैं।

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