JPSC-JSSC परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी, आज फिर सरकार से होगी वार्ता

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC की परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रविवार को आंदोलन का 16वां दिन है। आंदोलनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच आज एक बार फिर बातचीत होने वाली है। इससे पहले शनिवार को छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार की वार्ता समिति के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन किसी मांग पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी थी।
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सरकार की ओर से गठित वार्ता समिति के एक सदस्य के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ फिर बातचीत होगी। छात्रों की सभी प्रमुख मांगों की जानकारी वार्ता समिति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दे चुकी है। माना जा रहा है कि रविवार की वार्ता के बाद सरकार की ओर से आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जा सकता है।


14वीं JPSC परीक्षा की जांच CBI से कराने की मांग
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांग झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। छात्रों का आरोप है कि 14वीं JPSC परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच केवल CID से कराने से उन्हें संतुष्टि नहीं है। छात्रों की मांग है कि मामले की जांच CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से भी कराई जाए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच हो सके। छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल CID जांच पर भरोसा नहीं है।


फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की मांग
आंदोलनकारी छात्र मामले की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की भी मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा में अनियमितता से जुड़े मामलों का जल्द निस्तारण होना चाहिए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनवाई पूरी कर दोषियों पर कार्रवाई की जा सके और अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।

TDPL की परीक्षाएं रद्द करने की मांग
छात्रों की एक अन्य प्रमुख मांग TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने की है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इन परीक्षाओं को रद्द कर पारदर्शी तरीके से आगे की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।

छात्रों और सरकार के बीच लगातार हो रही वार्ता के बावजूद अब तक किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में रविवार को होने वाली वार्ता को आंदोलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। छात्रों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक और ठोस निर्णय लेगी।




















