बोकारो ट्रेजरी घोटाला: 10 करोड़ की अवैध निकासी की जांच तेज, रांची से पहुंची स्पेशल टीम ने खंगाले 4000 दस्तावेज

भूषण /बोकारो
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में करोड़ों रुपये के कथित ट्रेजरी घोटाले ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस विभाग में वेतन निकासी के नाम पर हुए 10 करोड़ रुपये से अधिक के इस वित्तीय घोटाले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय टीम शुक्रवार को बोकारो पहुंची।
सर्किट हाउस बना जांच का केंद्र
उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अमिताभ कौशल के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बोकारो सर्किट हाउस में डेरा डाल दिया है। शुक्रवार को दिनभर चली इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) और उप विकास आयुक्त (DDC) समेत ट्रेजरी विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
जांच के मुख्य बिंदु: एक ट्रक भरकर आए कागजात
घोटाले की गहराई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जांच के लिए संबंधित दस्तावेजों को एक ट्रक में भरकर लाया गया।
कुल दस्तावेज: लगभग 4,000 फाइलों की जांच की जा रही है।
समय सीमा: साल 2022 से अब तक के सभी भुगतान वाउचर, आवंटन पत्र और बैंक स्टेटमेंट्स को खंगाला जा रहा है।
फर्जीवाड़ा: आरोप है कि जाली बिलों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई है।
“इतने बड़े वित्तीय घोटाले की जांच जल्दबाजी में नहीं की जा सकती। हमने 4000 से अधिक दस्तावेज जुटाए हैं, जिनकी बिंदुवार समीक्षा की जा रही है। लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।”डॉ. अमिताभ कौशल, अध्यक्ष, जांच कमेटी
अगला कदम: रांची में होगी विस्तृत फॉरेंसिक जांच
डॉ. कौशल ने स्पष्ट किया कि बोकारो से जुटाए गए इन दस्तावेजों को अब रांची ले जाया जाएगा। वहां विशेषज्ञों की टीम हर ट्रांजेक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट का मिलान करेगी। इसके बाद जांच टीम दोबारा बोकारो का दौरा करेगी और दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
संदिग्धों के घेरे में कई अधिकारी
शुरुआती जांच में पुलिस विभाग और ट्रेजरी के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। सूत्रों के मुताबिक, टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भारी-भरकम राशि किन खातों में ट्रांसफर की गई और इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है।















