बंगाल में ‘कमल’ राज: शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री, भाजपा विधायक दल की बैठक में सकती है मुहर
पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक राजनीतिक परिवर्तन: 2026 चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी बने विधायक दल के नेता। जानें शपथ ग्रहण और नई सरकार के गठन की पूरी जानकारी।

डेस्क| 8 मई, पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नए युग का सूत्रपात हो गया है। 2026 के विधानसभा चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद, भाजपा ने आधिकारिक तौर पर शुभेंदु अधिकारी के नाम पर मुख्यमंत्री पद के लिए मुहर लगा दी है। कोलकाता में आयोजित विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया। कल सुबह 11 बजे कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद के शपथ लेंगे।
अमित शाह की मौजूदगी में हुआ चुनाव
शुक्रवार को कोलकाता के एक निजी होटल में भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ विधायकों द्वारा रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। अमित शाह ने शुभेंदु को गुलदस्ता भेंट कर आधिकारिक रूप से विधायक दल का नेता घोषित किया।
ऐतिहासिक जनादेश: 207 सीटों के साथ भाजपा की वापसी
2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों ने सबको चौंका दिया है। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। वहीं, 15 सालों तक सत्ता पर काबिज रहने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 80 सीटों पर सिमट गई है।
बड़ी जीत का श्रेय:
शुभेंदु अधिकारी इस चुनाव में सबसे बड़े नायक बनकर उभरे हैं। उन्होंने न केवल नंदीग्राम में अपना दबदबा कायम रखा, बल्कि भवानीपुर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी को हराकर भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त किया।
शुभेंदु अधिकारी: ‘जायंट किलर’ से मुख्यमंत्री तक का सफर
राजनीतिक करियर:
कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार रहे शुभेंदु अधिकारी 2020 में भाजपा में शामिल हुए थे।
विपक्ष की भूमिका:
2021 से 2026 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने ममता सरकार को हर मोर्चे पर घेरा।
दोहरी जीत:
2026 के चुनाव में उन्होंने दो प्रमुख सीटों से चुनाव लड़कर पार्टी के लिए आक्रामक प्रचार किया।
शपथ ग्रहण की तैयारी
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी आज शाम को ही राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं।
बंगाल में बदलाव की लहर
यह जीत न केवल भाजपा के लिए बल्कि बंगाल की राजनीति के लिए भी युगांतरकारी है। 1977 से 2011 तक वामपंथ और फिर 2011 से 2026 तक तृणमूल कांग्रेस के शासन के बाद, यह पहली बार है जब बंगाल की कमान किसी दक्षिणपंथी दल के हाथ में आई है।
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