दिल्ली के रोहिणी में झुग्गी-झोपड़ियों में भीषण आग, 40-45 झोपड़ियां जलकर खाक
दिल्ली के रोहिणी में झुग्गी-झोपड़ियों में भीषण आग, 40-45 झोपड़ियां जलकर खाक
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में रविवार (31 अगस्त 2025) की शाम सेक्टर-18 के शाहबाद दौलतपुर स्थित बंगाली बस्ती में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में 40 से 45 झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के अनुसार, आग की सूचना शाम 7:01 बजे मिली थी। इसके तुरंत बाद दमकल विभाग ने 10 दमकल गाड़ियां और 10 एम्बुलेंस मौके पर भेजीं। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात 8:30 बजे आग पर काबू पा लिया गया। दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई के कारण आग को और फैलने से रोका जा सका।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग अचानक शुरू हुई और तेजी से फैल गई, जिससे कई परिवारों का सामान, कपड़े और जरूरी दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए। आग की लपटों और धुएं के गुबार के बीच लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किए और प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत सामग्री मुहैया कराने की व्यवस्था की।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच जारी है। प्रारंभिक अनुमान में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी को आग का कारण माना जा रहा है, लेकिन सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। इलाके में सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है, और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
यह घटना दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ियों में आग लगने की हालिया कई घटनाओं में से एक है। इससे पहले अप्रैल 2025 में रोहिणी के सेक्टर-17 में लगी आग में 800 से अधिक झुग्गियां जल गई थीं और दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि घनी बस्तियों में ज्वलनशील सामग्री और बिजली की अनियमितताओं के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। प्रशासन से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
प्रभावित परिवारों के लिए राहत कार्य जारी हैं, और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पीड़ितों को जल्द से जल्द आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।

















