नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की बनीं अंतरिम प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ
काठमांडू : नेपाल में भ्रष्टाचार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को आज अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने उन्हें संविधान के अनुच्छेद 61 के तहत शपथ दिलाई, जो नेपाल को पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का ऐतिहासिक सम्मान प्रदान करता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह नियुक्ति प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद हुई, जिन्हें जन आंदोलन के दबाव में पद छोड़ना पड़ा। जेन जेड (Gen Z) युवा प्रदर्शनकारियों ने कार्की का नाम प्रस्तावित किया था, जो उनकी ईमानदारी और भ्रष्टाचार विरोधी छवि के लिए जानी जाती हैं। प्रदर्शनों में 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा घायल हुए हैं।
सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रहीं हैं, जिन्होंने 2016 से 2017 तक पद संभाला। वे राजनीति विज्ञान और कानून में स्नातक हैं तथा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमए किया। 1990 के जन आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्हें जेल भी हुई। उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी आयोग में विवादास्पद नियुक्ति को उलटने जैसे महत्वपूर्ण फैसले दिए। उनकी दो किताबें भी प्रकाशित हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कार्की को “ईमानदार और निडर” बताया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “सुशीला कार्की सत्य की आवाज हैं।” हालांकि, संसद भंग करने और संवैधानिक प्रक्रिया पर कुछ असहमति बनी रही, लेकिन अंततः सहमति बनी।
अंतरिम सरकार देश की सफाई, पुनर्निर्माण और युवाओं की भागीदारी पर फोकस करेगी। जन जेड समूह ने सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल से मुलाकात कर सहयोग का आश्वासन लिया।

















