रांची में स्कूली छात्रा के अपहरण मामले में 12 घंटे में चार अपराधी गिरफ्तार
रांची : सिरमटोली फ्लाइओवर के पास एक स्कूली छात्रा का अपहरण के बाद, घटना की सूचना मिलते ही रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। पुलिस उपमहानिरीक्षक सह वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जिले में नाकाबंदी और पड़ोसी जिलों में सघन चेकिंग शुरू की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वरीय पुलिस अधीक्षक ने पड़ोसी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से व्यक्तिगत अनुरोध कर सघन चेकिंग अभियान चलाने को कहा। कुल 90 से अधिक स्थानों पर चेकिंग शुरू की गई। रांची पुलिस की गठित टीम और रामगढ़ पुलिस के सहयोग से कुजू ओपी क्षेत्र से अपहृत छात्रा को सकुशल बरामद कर लिया गया। हालांकि, अपराधी वाहन सहित फरार हो गए।
पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए 8 विशेष टीमें गठित कीं। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और गहन अनुसंधान के आधार पर मात्र 12 घंटे में चार अपराधियों और एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान रुद्रांशु विश्वकर्मा, ऋषभ वर्मन, विकास कुमार और एक नाबालिग के रूप में हुई। इसके अतिरिक्त, डुप्लिकेट नंबर प्लेट बनाने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियार, एक देशी पिस्टल, एक देशी कट्टा, दो जिंदा गोलियां, एक खोखा, दो स्मार्टफोन, 5200 रुपये नकद और अपहरण में प्रयुक्त कार (हुंडई i20, JH01FP8837) को बरामद किया। अपराधियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हसबुल्ला, सुनील, बिट्टू और प्रीतम जैसे छद्म नामों का इस्तेमाल किया था। कार का नंबर बदलकर JH01FU6874 कर दिया गया था।
प्रारंभिक पूछताछ में अपराधियों ने खुलासा किया कि अपहरण का मकसद फिरौती था और वे छात्रा को लेकर बिहार भागने की योजना बना रहे थे। मुख्य साजिशकर्ता रुद्रांशु विश्वकर्मा, जो पेशे से जिम ट्रेनर है, ने कर्ज चुकाने के लिए इस अपहरण की साजिश रची थी। फायरिंग करने वाला अपराधी ऋषभ वर्मन था।
रांची पुलिस उस व्यक्ति को गोपनीय रूप से सम्मानित करेगी, जिसने घटना के दौरान अपराधियों की गाड़ी का नंबर नोट कर पुलिस को सूचना दी। इस सूचना ने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

















