खरसीदाग ओपी क्षेत्र में प्रतिबंधित गोवंशीय मांस के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, दो पिकअप वाहन जब्त
रांची : खरसीदाग ओपी क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित गोवंशीय मांस की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में दो पिकअप वाहनों सहित भारी मात्रा में गोवंशीय मांस और चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना का विवरण
11 सितंबर 2025 को अपराह्न में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दो पिकअप वाहन (उजला और काला, प्लास्टिक से ढके हुए) में गोवंशीय पशु का प्रतिबंधित मांस लोड कर तस्कर दलादली से खरसीदाग की ओर जा रहे हैं, जिसे कोलकाता भेजा जाना है। इस सूचना के आधार पर पुलिस उप महानिरीक्षक-सह-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) और वरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय प्रथम) के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया गया।
छापामारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खरसीदाग ओपी क्षेत्र के रिंग रोड पर वाहन चेकिंग शुरू की। इस दौरान भुसूर रिंग की ओर से दो पिकअप वाहन तेज गति से आते दिखे। पुलिस के इशारे पर वाहनों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक और अन्य व्यक्ति वाहन छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर चार व्यक्तियों को पकड़ लिया।
जांच में खुलासा
पकड़े गए व्यक्तियों ने पूछताछ में दावा किया कि वाहनों में मुर्गी का दाना और मछली का चारा लदा है, साथ ही जाली दस्तावेज भी दिखाए। हालांकि, संदेह होने पर पुलिस ने वाहनों की तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में गोवंशीय मांस बरामद हुआ। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि मांस बिहार के रोहतास जिले के विक्रमगंज से लोड कर पश्चिम बंगाल के बारासात, कोलकाता ले जाया जा रहा था। उन्होंने यह भी कबूल किया कि पिछले कुछ महीनों से जाली दस्तावेजों के सहारे प्रतिबंधित मांस की तस्करी की जा रही थी।
इस मामले में नामकुम (खरसीदाग ओपी) थाना में कांड संख्या 257/2025 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 338, 336(3), 340(2) और झारखंड गोवंशीय पशु वध निषेध अधिनियम 2005 की धारा 12(1)(2)/13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों को चिह्नित कर विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है।

















