महिला इंजीनियरिंग कॉलेज को सामान्य डिग्री कॉलेज करना महिला सशक्तिकरण पर आघात.
रामगढ़, आकाश शर्मा.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रामगढ़ : रामगढ़ जिला के गोला प्रखंड स्थित गोला में निर्मित रामगढ़ महिला इंजीनियरिंग कॉलेज को सामान्य डिग्री व सह शिक्षा वाले संस्थान में रूपांतरण करने के हेमंत सरकार के फैसले के विरुद्ध आक्रोशित आजसू छात्र संघ ने मोर्चा खोल दिया है। इस बाबत रामगढ़ जिला कार्यालय में प्रभारी राजेश कुमार महतो के नेतृत्व में आयोजित पत्रकार वार्ता में राजेश कुमार महतो ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि तत्कालीन रामगढ़ विधायक, पेयजल स्वच्छता मंत्री सह वर्तमान गिरिडीह सांसद श्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने झारखंड की आधी आबादी को तकनीकी दक्षता व वर्तमान समय में सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर सपना संजोया था। सपने को मूर्त रूप देते हुए महिला इंजीनियरिंग कॉलेज का अत्याधुनिक भवन का निर्माण व आधारभूत संरचना को आकार दिया गया। डेढ़ सौ करोड़ की लागत से निर्मित महिला इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन विधानसभा चुनाव पूर्व हुआ था।
वर्तमान में हेमंत सरकार द्वारा हवाला दिया जाना कि महिलाओं के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज की प्रासांगिकता नहीं है। इसकी जगह सामान्य डिग्री कॉलेज व सह शिक्षा संस्थान चलना चाहिए यह सरकार की महिलाओं के प्रति द्वेष भावना और महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार के उदासीन रवैए का परिचायक है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है शिक्षा जगत और झारखंड की महिलाओं का की पूर्वी व दक्षिणी भारत का एकमात्र रामगढ़ महिला इंजीनियरिंग कॉलेज को सरकार रुपांतरित करना चाहती है। विडंबना है रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड से वर्तमान विधायक, मुख्यमंत्री होने के बावजूद झारखंड व महिलाओं के गौरव रामगढ़ महिला इंजीनियरिंग कॉलेज को सरकार सामान्य डिग्री कॉलेज बनाने पर आमादा है। आजसू छात्र संघ सरकार के इस महिला उत्थान विरोधी निर्णय का विरोध करती है।
राजेश कुमार महतो ने कहा कि गिरिडीह सांसद श्री चंद्रप्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार आजसू छात्र संघ सरकार के उक्त निर्णय का विरोध करते हुए सड़क से सदन तक आंदोलनरत रहेगी प्रेस कांफ्रेंस में मुख्य रूप से विनोबा भावे विश्विद्यालय वरीय उपाध्यक्ष देवा महतो,उपाध्यक्ष मनोज कुमार महतो, सचिव अमित कुमार, अजय कुमार, विकास कुमार, सचिन कुमार, अनुज कुमार खेमलाल महतो आदि शामिल थे।

















