बेंगलुरु में होटल-रेस्टोरेंट बंद, पुणे में श्मशान घाट ठप! मिडिल ईस्ट जंग से LPG संकट, महाराष्ट्र-कर्नाटक में खाने-पीने की दुकानें जल्द होगी बंद !
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के कारण वैश्विक LPG सप्लाई चेन बाधित हो गई है, जिसका सीधा असर भारत के बड़े शहरों पर पड़ रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति अचानक ठप होने से बेंगलुरु में होटल और रेस्तरां आज (10 मार्च) से बंद हो गए हैं, जबकि पुणे में गैस आधारित श्मशान घाट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बेंगलुरु होटल एसोसिएशन (Bangalore Hotels Association) ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई 9 मार्च से बिना किसी पूर्व सूचना के रोक दी गई है। एसोसिएशन के ने चेतावनी दी, “गैस के बिना खाना बनाना असंभव है। होटल उद्योग एक आवश्यक सेवा है, जिसमें छात्र, वरिष्ठ नागरिक और आम लोग रोज़ाना भोजन के लिए निर्भर हैं। अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई तो शहर भर के होटल-रेस्तरां बंद हो जाएंगे।” कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेंगलुरु में हजारों छोटे-बड़े रेस्तरां प्रभावित हैं और कई जगहों पर दोपहर के बाद ही बंदी शुरू हो गई।
इसी तरह महाराष्ट्र और कर्नाटक के रेस्तरां एसोसिएशन ने अलर्ट जारी किया है कि अगर कुछ दिनों में गैस सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो मुंबई, पुणे, बेंगलुरु समेत कई शहरों में रेस्तरां और होटल बंद होने लगेंगे। मुंबई में भी होटल मालिकों ने कहा है कि उनके पास सिर्फ 2-3 दिनों का स्टॉक बचा है।
पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) ने 5 मार्च से गैस आधारित श्मशान घाट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश पर प्रोपेन-ब्यूटेन (LPG के मुख्य घटक) को पहले घरेलू उपयोग के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। अब केवल इलेक्ट्रिक और लकड़ी वाले भट्टियां चल रही हैं।
ईरान के साथ तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण भारत का 85-90% LPG आयात प्रभावित हुआ है। सरकार ने घरेलू सिलेंडर को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल सप्लाई पर रोक लगाई है। हालांकि सरकार का कहना है कि घरेलू उपयोग के लिए 40 दिनों का स्टॉक है, लेकिन होटल-रेस्तरां उद्योग बुरी तरह प्रभावित है।
उद्योग संगठनों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। अगर संकट लंबा खिंचा तो खाने-पीने की दुकानों की बंदी से लाखों लोगों को रोज़ाना भोजन की समस्या हो सकती है।

















