सिमडेगा में जल स्रोतों के संरक्षण पर डालसा की महत्वपूर्ण बैठक

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने मंगलवार को सिमडेगा में सभी अंचलाधिकारियों और नगर परिषद प्रशासकों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने की।

उच्च न्यायालय द्वारा राज्य के सभी जिलों से नदियों, तालाबों, नालों और डैम जैसे जल स्रोतों पर अतिक्रमण और उनकी स्थिति से संबंधित रिपोर्ट मांगी गई है। इस निर्देश के तहत आयोजित इस बैठक में अंचलाधिकारियों ने बताया कि सिमडेगा जिले में किसी भी प्राकृतिक जल स्रोत पर अतिक्रमण नहीं है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से इन क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, जल स्रोतों पर कचरा डंपिंग जैसी गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

प्रधान जिला जज ने अधिकारियों को जल स्रोतों के सौंदर्यीकरण के लिए ठोस कदम उठाने और इनके महत्व को बनाए रखने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी जल स्रोतों के पास सूचना बोर्ड लगाने का भी आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, पारा लीगल वॉलंटियर्स को अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने और अतिक्रमण की किसी भी घटना की सूचना प्राधिकार को देने का निर्देश दिया गया।

बैठक का समापन प्राधिकार सचिव मरियम हेमरोम के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह प्रयास न केवल जल स्रोतों के संरक्षण को सुनिश्चित करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।


















