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भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 14 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से लौटेंगे, 15 जुलाई को होगा स्प्लैशडाउन

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन का हिस्सा हैं, 14 जुलाई 2025 को पृथ्वी पर लौटने के लिए तैयार हैं। नासा ने पुष्टि की है कि शुभांशु और उनके सहयोगी अंतरिक्ष यात्री 14 जुलाई को भारतीय समयानुसार शाम 4:35 बजे आईएसएस से अलग होंगे और 15 जुलाई को दोपहर 3:00 बजे कैलिफोर्निया तट के पास अटलांटिक महासागर में ड्रैगन अंतरिक्ष यान के जरिए स्प्लैशडाउन करेंगे।

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शुभांशु शुक्ला आईएसएस पहुंचने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं, उन्होंने 26 जून को शुरू हुए इस मिशन के दौरान 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए। इस दौरान उन्होंने माइक्रोएल्गी, मूंग, और मेथी जैसे पौधों के अंकुरण पर प्रयोग किए, जो भविष्य में चंद्रमा या मंगल पर मानव बस्तियों के लिए भोजन, ऑक्सीजन, और बायोफ्यूल के स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने माइक्रोग्रैविटी में मानव स्वास्थ्य, हड्डियों की प्रतिक्रिया, और विकिरण जोखिम जैसे अध्ययनों में भी हिस्सा लिया।

एक्सिओम-4 मिशन में शुभांशु के साथ अमेरिका की कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की, और हंगरी के टिबोर कापू शामिल थे। यह मिशन भारत, पोलैंड, और हंगरी के लिए 40 साल बाद मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक महत्वपूर्ण वापसी का प्रतीक है। शुभांशु ने इस मिशन के तहत 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोगों में योगदान दिया और 580 पाउंड से अधिक कार्गो, जिसमें नासा का हार्डवेयर और प्रयोगों का डेटा शामिल है, वापस ला रहे हैं।

लौटने के बाद शुभांशु को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुकूल होने के लिए सात दिन के पुनर्वास (रिहैब) कार्यक्रम से गुजरना होगा, जिसकी निगरानी फ्लाइट सर्जन करेंगे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस मिशन के लिए लगभग 550 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की तैयारी में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

शुभांशु की इस उपलब्धि पर पूरे देश में गर्व की लहर है। उनके पिता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हमें बेसब्री से उनके लौटने का इंतजार है, और हम ईश्वर से उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना करते हैं।

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