ऐतिहासिक क्षण: शुभांशु शुक्ला आज अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से धरती पर लौटेंगे

ऐतिहासिक क्षण: शुभांशु शुक्ला आज अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से धरती पर लौटेंगे

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भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आज अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पृथ्वी पर वापसी करेंगे, जिससे भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ जाएगा। एक्सिओम-4 (Ax-4) मिशन के तहत 25 जून 2025 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए शुभांशु ने 14 दिन तक ISS पर रहकर कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए। उनकी वापसी भारतीय समयानुसार आज, 15 जुलाई को दोपहर करीब 3:00 बजे कैलिफोर्निया के तट पर क्रू ड्रैगन ‘ग्रेस’ के साथ होने की उम्मीद है।

शुभांशु शुक्ला ISS पर पहुंचने वाले पहले भारतीय और अंतरिक्ष में जाने वाले राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। इस मिशन में उनके साथ कमांडर पेगी व्हिटसन (अमेरिका), मिशन विशेषज्ञ स्लावोश उज़नान्स्की-विश्निव्स्की (पोलैंड), और टिबोर कपु (हंगरी) शामिल थे। शुभांशु ने मिशन के पायलट के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सात भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम दिया। इनमें माइक्रोग्रैविटी में मेथी और मूंग के बीजों के अंकुरण का अध्ययन, विकिरण से सुरक्षा, और सूक्ष्म शैवाल पर शोध शामिल थे, जो भविष्य के दीर्घकालिक अंतरिक्ष मिशनों के लिए भोजन, ऑक्सीजन, और जैव ईंधन प्रदान करने में मददगार हो सकते हैं।

शुभांशु और उनकी टीम 14 जुलाई 2025 को भारतीय समयानुसार शाम 4:35 बजे ISS से क्रू ड्रैगन ‘ग्रेस’ के जरिए अलग हुए। वापसी की प्रक्रिया में कई चरण शामिल थे, जिसमें डीऑर्बिट बर्न और अंतरिक्ष यान का पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश शामिल है। कैप्सूल के कैलिफोर्निया तट पर समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग करने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को रेस्क्यू जहाज द्वारा निकाला जाएगा। लैंडिंग के बाद, शुभांशु और उनके साथियों को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुकूल होने के लिए सात दिनों तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा।

पहले शुभांशु की वापसी 10 जुलाई को निर्धारित थी, लेकिन मौसम और तकनीकी कारणों, जैसे ISS में प्रेशर लीक की जांच, के चलते यह 14 जुलाई तक टल गई। यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) ने भी इस देरी की पुष्टि की थी। हालांकि, अब सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

शुभांशु की यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक मील का पत्थर है। उनके मिशन को इसरो के गगनयान मिशन की तैयारी के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। शुभांशु ने ISS पर पहुंचकर भारत का तिरंगा लहराया और देश को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान में नई पहचान दी। उनके पिता ने उनकी वापसी पर खुशी जताते हुए कहा, “हमें बेसब्री से इंतजार है, हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह सकुशल वापस आ जाए।”

28 जून 2025 को शुभांशु ने ISS से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपने मिशन के अनुभव साझा किए। इसरो ने इस पल को ऐतिहासिक बताते हुए इसे 140 करोड़ भारतीयों के लिए प्रेरणा का क्षण करार दिया।

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