झारखंड में एक और सैनिक स्कूल की स्थापना के लिए पहल, तिलैया सैनिक स्कूल के लिए 9.49 करोड़ की जलापूर्ति योजना को मंजूरी
झारखंड में सैन्य शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक और सैनिक स्कूल की स्थापना की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी ने स्कूली शिक्षा सचिव को राज्य में एक अतिरिक्त सैनिक स्कूल स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय शुक्रवार को सैनिक स्कूल तिलैया से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों और मुद्दों पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्य सचिव ने बताया कि कुछ राज्यों में दो सैनिक स्कूल संचालित हो रहे हैं, जबकि झारखंड के तिलैया सैनिक स्कूल में वर्तमान में 875 छात्र पढ़ रहे हैं, जो देश के अन्य सैनिक स्कूलों की तुलना में सर्वाधिक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तिलैया सैनिक स्कूल की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
सैनिक स्कूल तिलैया में 9.49 करोड़ रुपये की लागत से नई जलापूर्ति योजना शुरू की जाएगी। इसकी तकनीकी स्वीकृति पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से प्राप्त हो चुकी है। इसके अलावा, स्कूल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने और स्टॉफ क्वार्टरों के रखरखाव के लिए भवन निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
सैनिक स्कूल तिलैया ने कर्मचारियों के पेंशन, पारिवारिक पेंशन, एनपीएस और अन्य लाभों को राज्य सरकार द्वारा वहन करने का प्रस्ताव रखा। इस पर करीब 7 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। मुख्य सचिव ने स्कूली शिक्षा विभाग को अन्य राज्यों के सैनिक स्कूलों के मॉडल का अध्ययन कर इस दिशा में आगे बढ़ने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि सैनिक स्कूल तिलैया के छात्रों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच अब कोडरमा में ही होगी। पहले इसके लिए छात्रों को हजारीबाग जाना पड़ता था, जिससे असुविधा होती थी।
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव श्री मस्तराम मीणा, स्कूली शिक्षा सचिव श्री उमाशंकर सिंह, अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और सैनिक स्कूल तिलैया के प्रतिनिधि शामिल थे।

















