अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़, दो शातिर गिरफ्तार; 30 लाख के जेवरात समेत कई सामान बरामद

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : सिमडेगा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 30 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, चोरी में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल तथा चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार समेत कुल 103 सामान बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से झारखंड के सिमडेगा और गुमला तथा छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में हुई पांच चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है।
रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक श्रीकांत राव खोटरे ने बताया कि सिमडेगा थाना कांड संख्या 92/2026 के तहत राहुल कुमार सिंह के घर में 5 जुलाई को हुई चोरी की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) रणविजय सिंह के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
विशेष टीम ने छत्तीसगढ़ के तपकरा एवं जशपुर थाना क्षेत्रों में लगातार छापेमारी कर अंकित टोप्पो (19) और सैफ अली (22) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने सिमडेगा, गुमला और जशपुर में कई चोरी की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का सामान, पल्सर मोटरसाइकिल और वारदात में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए।

एसपी ने बताया कि आरोपियों ने सिमडेगा थाना क्षेत्र के सलडेगा बाराबयानी स्थित राशन दुकान में हुई चोरी (कांड संख्या 87/2026) में भी अपनी भूमिका स्वीकार की है। इसके अलावा गुमला जिले के कोंडरा, फसिया और आनंदनगर में हुई चोरी की घटनाओं का भी उद्भेदन हुआ है। इससे गुमला थाना क्षेत्र के तीन अलग-अलग चोरी के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा हो सका है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ के तपकरा और कुरगुं थाना क्षेत्रों में इनके खिलाफ चोरी के कई मामले दर्ज किए गए थे। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
छापेमारी दल में सिमडेगा थाना प्रभारी संजीत कुमार, केरसई थाना प्रभारी विनायक कुमार, अवर निरीक्षक संतोष कुमार राय, सोनू पाठक, चंद्र मोहन होरो सहित सशस्त्र बल के जवान एवं चौकीदार शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने सफल कार्रवाई के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए उनके कार्य की सराहना की।

















