“छात्रों की रिहाई नहीं हुई तो बिहार में होगा बड़ा आंदोलन”: तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला

पटना : बिहार बंद के दौरान छात्रों और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
रविवार को मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों से घबराकर पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है। तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन वर्तमान सरकार इसे भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया तो विपक्ष राज्यभर में व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगा।
तेजस्वी यादव ने इस दौरान अपने बड़े भाई और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध को दबाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
बिहार बंद और उससे जुड़े घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार विपक्ष की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा किस तरह राजनीतिक रूप लेता है।

















