जमशेदपुर: बदहाल सड़क और नारकीय जीवन के खिलाफ ‘बांग बंधु’ का हल्ला बोल, 15 दिनों का दिया अल्टीमेटम
जमशेदपुर: बदहाल सड़क और नारकीय जीवन के खिलाफ ‘बांग बंधु’ का हल्ला बोल, 15 दिनों का दिया अल्टीमेटम
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नीरज तिवारी / जमशेदपुर ![]()
जमशेदपुर, परसुडीह: बुनियादी सुविधाओं के अभाव और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के खिलाफ अब परसुडीह की जनता का धैर्य जवाब देने लगा है। प्रमथ नगर में ‘बांग बंधु’ संस्था के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने सड़क, नाली और स्वच्छ पेयजल की किल्लत को लेकर एक दिवसीय जोरदार धरना प्रदर्शन किया।
सड़क नहीं, गड्ढों का जाल: थम गए टेम्पो के पहिए
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि परसुडीह के शीतला चौक से करनडीह तक की मुख्य सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि ऑटो और टेम्पो चालकों ने इस मार्ग पर आना-जाना बंद कर दिया है। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं ग्रामीण
सड़क के साथ-साथ जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था न होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे न केवल पैदल चलना मुश्किल है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
नेताओं के ‘वादों’ पर उठे सवाल
संस्था की केंद्रीय अध्यक्ष अर्पणा गुहा ने सीधे तौर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को घेरा। उनके प्रमुख आरोप निम्नलिखित हैं:
चुनावी वादे: नेता चुनाव के समय बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद जनता को उनके हाल पर छोड़ देते हैं।
शिलान्यास का रहस्य: अर्पणा गुहा ने सवाल उठाया कि जब सड़क का शिलान्यास किया जा चुका है, तो एक साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ? क्या आवंटित बजट में कोई गड़बड़ी हुई है?
पिछले एक साल से हमें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। सड़क पर चलना मौत को दावत देने जैसा है। अब हम चुप नहीं बैठेंगे।” —अर्पणा गुहा, अध्यक्ष, बांग बंधु
प्रशासन को चेतावनी: ’15 दिन या अनशन
विरोध प्रदर्शन के अंत में संस्था ने अपनी आगामी रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले को लेकर जिले के उपायुक्त (DC) को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि 15 दिनों के भीतर सड़क और नाली का निर्माण कार्य शुरू नहीं होता है, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन और आमरण अनशनके लिए मजबूर होगी।
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