जमशेदपुर में साइबर अपराध का बड़ा खुलासा: CSR फंड दिलाने के नाम पर NGO से 3 करोड़ की ठगी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार
जमशेदपुर में साइबर अपराधियों ने NGO से 3 करोड़ की ठगी की। CSR फंड दिलाने के नाम पर हुआ फ्रॉड, मुख्य आरोपी गिरफ्तार। पूरी खबर पढ़ें Drishti Now पर।

जमशेदपुर: जमशेदपुर साइबर अपराध थाना पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक NGO को CSR (Corporate Social Responsibility) फंड दिलाने का झांसा देकर 3 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

फंड का लालच और साजिश की शुरुआत
मामला रीना पाण्डेय द्वारा संचालित NGO “HOPE- HELP FOR ALL FOUNDATION” से जुड़ा है। आरोपियों ने संचालिका को CSR फंड दिलाने का प्रलोभन देकर एक्सिस बैंक में संस्था का करंट खाता खुलवाया। विश्वास जीतने के बाद, आरोपियों ने सत्यापन (Verification) के बहाने बैंक की चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए।
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महज 5 दिनों में हुआ 3 करोड़ का खेल
सिटी SP ललित मीणा ने जानकारी दी कि मुख्य आरोपी अमन कुमार सिंह उर्फ रघु ने 22 दिसंबर 2025 को वादिनी को गुमराह कर चेकबुक और सिम कार्ड लखनऊ मंगवाया। वहां उसने अपने अन्य साइबर साथियों के साथ मिलकर मात्र पांच दिनों के भीतर 3 करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन कर डाला।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अक्टूबर 2025 में ही वादिनी की ईमेल आईडी और इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस अपने मोबाइल में ले लिया था, जिससे उसे संस्था के खातों पर पूरा नियंत्रण मिल गया था।
पुलिस की गिरफ्त में अपराधी
पुलिस ने आरोपी अमन कुमार सिंह उर्फ रघु (29 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से देवरिया (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला यह आरोपी वर्तमान में आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां) में रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है।
FIR दर्ज: रीना पाण्डेय के लिखित आवेदन पर 18 जून को साइबर थाना में आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

















