20260214 175209

झारखंड में बालू माफिया की लूट के खिलाफ बड़े जनांदोलन की जरूरत: बाबूलाल मरांडी

रांची : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में बालू के अवैध कारोबार और माफिया राज को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बालू की लूट अब एक गंभीर सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय संकट बन चुकी है। राज्य के हर जिले में अवैध खनन और कालाबाजारी से बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे आम जनता आर्थिक शोषण का शिकार हो रही है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

बाबूलाल मरांडी ने कहा, “दुमका, खूंटी, रांची या राज्य का कोई भी जिला हो, हर जगह बालू माफिया सक्रिय हैं। नदियों से निकाले गए बालू की कीमत कुछ ही किलोमीटर दूर कई गुना बढ़ जाती है। यह कौन सा अर्थशास्त्र है जहां संसाधन राज्य का, मेहनत मजदूर की, लेकिन मुनाफा बिचौलियों, माफियाओं, थानेदारों, डीसी, एसपी और मुख्यमंत्री की जेब में जा रहा है?”

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अनुराग गुप्ता के समय में जिलों से अवैध बालू, कोयला और पत्थर के कारोबार से सेंट्रलाइज्ड वसूली 50-60 प्रतिशत थी, जो अब 75 प्रतिशत से अधिक हो गई है। अवैध खनन से नदियों का स्वरूप बदल रहा है, भू-क्षरण बढ़ रहा है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन खतरे में पड़ रहे हैं।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे पर व्यापक जनजागरण और बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि बालू घाटों की पारदर्शी नीलामी हो और ग्राम सभा के माध्यम से ही सस्ते बालू की पहुंच सुनिश्चित की जाए। इससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा और माफिया राज पर लगाम लगेगी।

उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक झारखंड से अपील की कि राज्य में चल रहे अवैध बालू कारोबार पर सख्त कार्रवाई करें और इस रैकेट को ध्वस्त करें।

Share via
Share via