झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक जारी, बोकारो के बड़कीपुन्नू गांव में तीन बुजुर्गों की दर्दनाक मौत
बोकारो : झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत महुआटांड़ वन क्षेत्र के बड़कीपुन्नू गांव से सामने आया है, जहां गुरुवार (5 फरवरी) की सुबह-सुबह जंगली हाथियों के झुंड ने तीन बुजुर्गों को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना की जानकारी के अनुसार, पांच सदस्यीय हाथियों का झुंड रात में गांव में घुस आया और एक घर पर हमला बोल दिया। हाथियों ने घर का हिस्सा क्षतिग्रस्त कर दिया और जब घरवाले बचने के लिए बाहर निकले तो उन्होंने उन्हें कुचल दिया। मृतकों में 65 वर्षीय गंगा करमाली, उनकी पत्नी 63 वर्षीय कमली देवी और 65 वर्षीय भगिया देवी शामिल हैं। ये तीनों एक ही परिवार के सदस्य थे। घायल महिला को गोमिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग समय पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा, जिसके चलते ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बीते कुछ महीनों में महुआटांड़ क्षेत्र में हाथियों के हमलों से आठ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और फसलों व संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।
वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने और घायल का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। साथ ही, हाथियों को गांव से दूर भगाने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को सक्रिय किया गया है।
















