झारखंड कांग्रेस का मनरेगा विरोध: 5 जनवरी को रांची में विशाल धरना-प्रदर्शन
रांची : केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को समाप्त करने और इसका नाम बदलकर ग्रामीण मजदूरों की कमर तोड़ने की कथित साजिश के खिलाफ झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी जोरदार आंदोलन की तैयारी में जुटी है। इसी क्रम में 5 जनवरी को रांची के मोराबादी मैदान (बापू वाटिका) से लोकभवन (राजभवन) तक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अभिलाष साहू के नेतृत्व में 2 जनवरी को दोपहर 3 बजे जूम मीटिंग का आयोजन किया गया। मीटिंग में सभी जिलों के ओबीसी जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश पदाधिकारी शामिल हुए।
जूम मीटिंग को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि केंद्र सरकार तानाशाही रवैये से मनरेगा का नाम बदलकर ग्रामीण मजदूरों का शोषण कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में इस फैसले के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया है। झारखंड में भी 5 जनवरी को बड़ा धरना-प्रदर्शन होगा। उन्होंने ओबीसी विभाग के सभी साथियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करें और कार्यक्रम को सफल बनाएं।
सभी जिला अध्यक्षों एवं प्रदेश पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि वे कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और ओबीसी विभाग की ओर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे।
मीटिंग में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, ओबीसी विभाग अध्यक्ष विलास साहू, कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत नागवला, प्रदेश प्रवक्ता परवेज आलम, रेणु देवी एडवोकेट, मनोज यादव, मदन महतो, आसिफ रजा, अश्वनी कुमार, आनंद अजय, डॉ. प्रकाश कुमार यादव, अजय कुमार प्रजापति, अशोक कुमार मंडल, जितेंद्र यादव, महेश्वर मंडल, प्रदीप साहू, अजीम अंसारी, धनंजय यादव,।रंजीत यादव, रंजीत साहू समेत दर्जनों नेता शामिल हुए।
कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा है और इसका नाम बदलना या कमजोर करना गरीब-विरोधी कदम है। पार्टी ने सभी कार्यकर्ताओं से इस आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने की अपील की है।

















